Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IAF की बढ़ी ताकत, भारत को मिला पहला C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट; जानिए कितना ताकतवर है ये विमान

    By AgencyEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Wed, 13 Sep 2023 04:35 PM (IST)

    भारत सरकार ने एयरबस के साथ 56 एयरक्राफ्ट के लिए सौदा किया है। इस सौदे में शामिल 40 विमानों को भारत में तैयार किया जाएगा। विमान को तैयार करने के लिए एय ...और पढ़ें

    भारत को मिला पहला सी-295 टैक्टिकल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान।(फोटो सोर्स: जागरण)
    भारत को मिला पहला सी-295 टैक्टिकल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान।(फोटो सोर्स: जागरण)

    HighLights

    1. सभी 56 विमानों में स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट लगाया जाएगा
    2. यह विमान 9 टन का माल या 71 सैनिकों को लेकर उड़ान भर सकता है
    3. 40 विमानों को भारत में तैयार किया जाएगा।

    सेवील, एएनआई। भारतीय वायु सेना की ताकत और बढ़ चुकी है। वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल वीआर चौधरी (Chief of Air Staff Air Chief Marshal VR Chaudhari) स्पने के सेवील शहर में मौजूद हैं। विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने भारत के लिए सी-295 टैक्टिकल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन (C-295 transport aircraft) तैयार किया, जिसे बुधवार को भारत को सौंपा गया।

    भारत सरकार ने एयरबस के साथ 56 एयरक्राफ्ट के लिए सौदा किया है।  इस सौदे में शामिल 40 विमानों को भारत में तैयार किया जाएगा। विमान को तैयार करने के लिए एयरबस ने टाटा ग्रुप के साथ करार किया है।

    सोलह विमान फ्लाईअवे स्थिति में भारत को सौंपे जाएंगे 

    विमान में सैनिकों और कार्गो के पैरा ड्रॉपिंग के लिए एक पिछला रैंप दरवाजा है। अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के 48 महीनों के भीतर स्पेन से सोलह विमान फ्लाईअवे स्थिति में भारत को सौंपे जाएंगे। यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा भारत में सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा।

    इन विमानों में लगाया जाएगा  स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट

    सभी 56 विमानों में स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट लगाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह परियोजना भारत में एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगी। 

    खबरें और भी

    यह कार्यक्रम सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' को  बढ़ावा देगा क्योंकि यह भारतीय निजी क्षेत्र को प्रौद्योगिकी-गहन और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी विमानन उद्योग में प्रवेश करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। इस परियोजना से घरेलू विमानन विनिर्माण में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप आयात पर निर्भरता कम होगी और निर्यात में अपेक्षित वृद्धि होगी।

    जानिए विमान की खासियत

    • यह विमान 9 टन का माल या 71 सैनिकों को लेकर उड़ान भर सकता है।
    • यह छोटे रनवे पर भी उड़ान भर सकता है।
    • यह विमान 13 घंटे नॉन-स्टॉप हवा में उड़ान भर सकता है।
    • यह विमान 9250 किलोग्राम तक वजन उठाकर उड़ सकता है।
    • इस विमान में दो इंजन हैं।
    • विमान 482 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकता है।

    यह भी पढ़ें: अब आग नहीं उगल पाएगा ड्रैगन... पूर्वी लद्दाख में 13,700 फीट की ऊंचाई पर बन रहे एयरफील्ड से बढ़ेगी IAF की शक्ति