यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Israel–Hamas War: हमास से बदला लेने के लिए वेस्ट बैंक में घुसी इजरायली सेना, तीन फलस्तीनियों की हत्या
फलस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी डब्लूएएफए ने कहा कि गुरुवार तड़के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अलग-अलग घटनाओं में इजरायली बलों द्वारा दो किशोरों सहित तीन ...और पढ़ें

HighLights
- इजरायली सेना ने दो किशोरों सहित तीन फलस्तीनियों की हत्या कर दी
- बेथलेहम के दक्षिण में इजरायली सेना ने शरणार्थी शिविर में किया हमला
- जवाबी हमले में इजरायली सेना ने गाजा पर सबसे भीषण बमबारी की
रॉयटर्स, यरुशलम। फलस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी डब्लूएएफए ने कहा कि गुरुवार तड़के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अलग-अलग घटनाओं में इजरायली बलों द्वारा दो किशोरों सहित तीन फलस्तीनियों की हत्या कर दी गई। डब्लूएएफए ने कहा कि इजरायली सेना ने रामल्लाह के पश्चिम में बुद्रस गांव पर हमला किया, जिसमें एक युवक गेब्रियल अवाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
शरणार्थी शिविर में इजरायली सेना का हमला
वेस्ट बैंक में इजरायली सेना के हमले में एक अन्य फलस्तीनी युवक घायल हो गया। समाचार एजेंसी ने कहा कि अन्य घटनाओं में बेथलेहम के दक्षिण में एक शरणार्थी शिविर में सिर में गोली लगने से एक 14 वर्षीय लड़के की मौत हो गई।
वहीं, तुलकार्म शहर में इजरायली सेना की गोली लगने के बाद 16 वर्षीय एक लड़के की भी मौत हो गई। इजरायल की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई। इजरायली-फलस्तीनी हिंसा में वेस्ट बैंक में दर्जनों फलस्तीनी मारे गए हैं। फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के घातक हमले के जवाब में इजरायल गाजा पट्टी में जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है।
वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों में बढ़ा आक्रोश
हमास द्वारा इजरायल में किए गए हमले के जवाब में इजरायली बलों ने गाजा पर अपनी सबसे भीषण बमबारी की है। जिसमें कई लोग मारे गए हैं। इजरायली सेना द्वारा 3,000 से अधिक फलस्तीनियों और हमास द्वारा नियंत्रित नाकाबंदी वाले क्षेत्र पर पूरी तरह से घेराबंदी कर दी गई है। जिससे वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों में काफी गुस्सा बढ़ गया है।
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बता दें कि, वेस्ट बैंक फलस्तीनी प्राधिकरण (पीए) का घर है, जिस पर हमास के प्रतिद्वंद्वी फतह और 87 वर्षीय फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का प्रभुत्व है। यह यरुशलम की सीमा पर है। यह एक तरह से मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के लिए पवित्र स्थल है और यह आंतरिक हिंसा का केंद्र है। हमास ने यरुशलम के पुराने शहर में अल-अक्सा मस्जिद में मुस्लिम उपासकों पर इजरायली हमलों का बदला लेने के लिए 7 अक्टूबर को अपने हमले की घोषणा की।