विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नेपाल के लिए 'आफत' वाला होगा रविवार, चीन ने बताया कहां बन रहा 'वॉटर बम'? भारत में भी अलर्ट

Published: Thu, 27 Aug 2026 08:00 PM (IST)Updated: Thu, 27 Aug 2026 08:02 PM (IST)

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उद्गम स्थल के पास एक नई झील बनने से निचले इलाकों में ...और पढ़ें

चीन ने बताया कहां फूटेगा वाटर बम, फोटो - रॉयटर्स

चीन ने बताया कहां फूटेगा वाटर बम, फोटो - रॉयटर्स

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में खतरा अभी टला नहीं है। गुरुवार को अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उद्गम स्थल के पास एक नई झील बनने के बाद नदी के निचले इलाकों में बाढ़ का नया खतरा पैदा हो गया है। चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह झील जल्द ही टूट सकती है।

जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) ने कहा कि उसे चीनी की ओर से नेपाल-चीन सीमा के पास नदी के अवरुद्ध होने वाली जगह पर एक झील बनने की जानकारी मिली है। विभाग के अनुसार, चीनी सरकार ने यह जानकारी नेपाल के विदेश मंत्रालय को दी थी।

Nepal flood (12)

चीन ने बताया मिशन 'वाटर बम' 

चीनी अधिकारियों का अनुमान है कि गुरुवार सुबह तक झील में लगभग 20 लाख (2 मिलियन) क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया था, और अगले तीन दिनों में इसमें 30 लाख (3 मिलियन) क्यूबिक मीटर और पानी आ सकता है, जिससे इसके टूटने की चिंता बढ़ गई है।

यह झील नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये दोनों नदियाँ तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में बहती हैं, जहाँ वे भोटे कोशी नदी प्रणाली का हिस्सा बनती हैं। यह घटनाक्रम मध्य नेपाल में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी।

DHM के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने चेतावनी दी है कि भोटे कोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में एक और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विभाग ने लोगों से नदियों से दूर रहने और अगली सूचना तक सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है।

Nepal border lak

चीन ने झील टूटने से बाढ़ की चेतावनी दी

विभाग ने भोटे कोशी नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से एहतियाती उपाय करने और नदी के किनारों से दूर रहने को भी कहा है। संभावित खतरे को देखते हुए यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और खोज एवं बचाव कार्यों में शामिल लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

चीनी अधिकारी झील पर नज़र रख रहे हैं और बाढ़ सिमुलेशन तथा जोखिम का आकलन कर रहे हैं ताकि झील के टूटने के संभावित परिणामों का पता लगाया जा सके और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी की जा सके।

इस बीच, नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने द्वारा गुरुवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में, विभिन्न दलों के राजनीतिक नेताओं ने सीमा-पार ग्लेशियर से जुड़े खतरों से निपटने के लिए चीन के साथ राजनयिक बातचीत का आह्वान किया और एक मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने की सिफारिश की।

WhatsApp Image 2026-08-26 at 11.30.05 PM

उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट

नेपाल में भारी तबाही के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार प्रशासन ने कई जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली गोपालगंज जिले शामिल है।

महाराजगंज में, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारियों को नदी के किनारे बसे संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।

वे गंडक, दर्जनिया, टेल फॉल और नेपाल से पानी पाने वाली अन्य नदियों और जलमार्गों के जलस्तर और बहाव पर नजर रख रहे हैं। नदी के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को वहां से निकालने की तैयारी भी की गई है।

यह भी पढ़ें- 72 घंटे में टूट सकती है नेपाल बॉर्डर पर बनी झील, चीन की चेतावनी के बाद हाई अलर्ट पर प्रशासन

यह भी पढ़ें- Explainer: हिमालय में भोटेकोशी बाढ़ की असली वजह का खुलासा, नेपाल में तीन दिन बाद क्या होगा?

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।