नेपाल में भारी तबाही: पूर्व DRDO प्रमुख सतीश रेड्डी समेत 31 भारतीय तीर्थयात्री तिब्बत सीमा के पास फंसे
नेपाल में भयानक बाढ़ और आपदा से भारी तबाही मची है, जिसमें 270 लोगों की मौत और 800 से अधिक ...और पढ़ें

नेपास में बाढ़ ने मचाई तबाही।
HighLights
नेपाल में भीषण बाढ़ से 270 मौतें, 800 लापता।
पूर्व DRDO प्रमुख सतीश रेड्डी तिब्बत में सुरक्षित।
भारत ने नेपाल को 50 टन मानवीय सहायता भेजी।
डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में बुधवार सुबह आए भयानक फ्लैश फ्लड और आपदा के कारण भारी तबाही मची है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 270 लोगों की मौत हो चुकी है और 800 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के पानी ने रास्ते में आने वाले घर, पुल और पूरे के पूरे गांव बहा दिए हैं।
इसी बीच अब खबर सामने आ रही है कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के पूर्व प्रमुख सतीश रेड्डी और उनकी पत्नी भी पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जब यह भीषण बाढ़ आई। वे इस समय तिब्बत के सागा काउंटी में हैं।
सुरक्षित हैं पूर्व DRDO प्रमुख और उनकी पत्नी
हालांकि राहत की बात यह है कि सतीश रेड्डी समेत सभी 31 तीर्थयात्रियों ने अपने-अपने परिवारों को सुरक्षित होने की सूचना दे दी है। ये सभी बुधवार सुबह ही बाढ़ वाले इलाके को पार कर चुके थे।
अब ये सभी तिब्बत-चीन के रास्ते से वापस भारत लौटने की योजना बना रहे हैं, लेकिन इनकी वापसी इस बात पर निर्भर करती है कि चीन सरकार तिब्बत की सीमा को कब दोबारा खोलती है।
नेपाल के विदेश मंत्री का बयान
इसी बीच काठमांडू में आयोजित 'एनडीटीवी वर्ल्ड अन्वीक्षा समिट' में बोलते हुए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र में मानसरोवर यात्रा के रास्ते पर कई विदेशी नागरिक और भारतीय यात्रा करते हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 300 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं और सरकार उनसे संपर्क स्थापित करने की पूरी कोशिश कर रही है।
भारत सरकार की राहत और बचाव कोशिशें
बड़ी बात यह है कि ऐसे कठिन समय में भारत ने अपना पड़ोसी धर्म निभाया। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 288 भारतीय अभी भी लापता हैं और उन्हें तलाशने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
कठिन समय में आगे आया भारत, बढ़ाया हाथ
गौरतलब है कि संकट की इस घड़ी में भारत ने नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत ने दो उड़ानों के जरिए लगभग 50 टन मानवीय सहायता और राहत सामग्री (HADR) नेपाल भेजी है।
पहली उड़ान बुधवार रात को 10 टन सामग्री लेकर पहुंची थी, जबकि दूसरी उड़ान में 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाने के पैकेट भेजे गए हैं। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और लापता लोगों से संपर्क साधने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
