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बाज नहीं आया तुर्किये, राष्ट्रपति एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया कश्मीर का मुद्दा

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:32 AM (IST)Updated: Wed, 23 Sep 2026 07:00 AM (IST)

पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौता करने कुछ हफ्तों बाद तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने ...और पढ़ें

राष्ट्रपति एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया कश्मीर का मुद्दा (फोटो- एक्स)

राष्ट्रपति एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया कश्मीर का मुद्दा (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. कहा, कश्मीर मुद्दे सहित सभी विवाद यूएन चार्टर के तहत वार्ता से हल हों 

  2. बोले, यही बात अफ्रीकी महाद्वीप में तनाव के मामलों पर भी होती है लागू

एएनआई, न्यूयॉर्क। पाकिस्तान की तरह तुर्किये भी अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौता करने कुछ हफ्तों बाद तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए कश्मीर पर पाकिस्तान के भारत-विरोधी रुख को दोहराने का प्रयास किया।

महासभा को संबोधित करते हुए एर्दोगन ने कहा कि दक्षिण एशिया में यह जरूरी है कि कश्मीर मुद्दे सहित सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के दायरे में बातचीत के जरिये सुलझाया जाए।

आगे कहा कि अगर रचनात्मक कदम उठाए जाएं, तो सभी मुद्दों को हल किया जा सकता है। यही बात अफ्रीकी महाद्वीप में तनाव के मामलों पर भी लागू होती है।" गौरतलब है कि भारत लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है।

तुर्किये, सऊदी अरब, पाकिस्तान और मिस्र ने रियाद के अधिकार का किया समर्थन

महासभा से इतर हुई एक बैठक के बाद तुर्किये, मिस्र, सऊदी अरब और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत रियाद के अपनी रक्षा करने के अधिकार का समर्थन करते हैं।

उन्होंने यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच इस क्षेत्र में समुद्री आवाजाही की सुरक्षा बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।