80 साल बाद डेन्यूब नदी से निकले विश्व युद्ध के सैनिकों के अवशेष और बाइक, वायरल हुई तस्वीरें
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में डेन्यूब नदी का जल स्तर बेहद कम होने से द्वितीय विश्व युद्ध के अवशेष सतह पर आ गए हैं। नदी के तल से एक पुरानी मोटरसाइकिल ...और पढ़ें

80 साल बाद डेन्यूब नदी से निकले विश्व युद्ध के सैनिकों के अवशेष और बाइक (फोटो- फेसबुक)
HighLights
जल स्तर कम बने रहने पर और भी अवशेष सामने आने की उम्मीद है
यूरोप में नदी सूखी तो दिखे थे 80 साल पुराने युद्धपोत
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में डेन्यूब नदी का जल स्तर बेहद कम होने से द्वितीय विश्व युद्ध के अवशेष सतह पर आ गए हैं। नदी के तल से एक पुरानी मोटरसाइकिल के साथ दो जर्मन वेहरमाक्ट सैनिकों के शव भी बरामद किए गए हैं।
जर्मन वॉर ग्रेव्स कमीशन (वोल्क्सबुंड डॉयचे क्रीग्सग्रेबरफ्यूर्सॉर्गे) के अनुसार, बुडापेस्ट के बत्थ्यानी स्क्वायर के पास बंदरगाह क्षेत्र में 2 अगस्त को यह मोटरसाइकिल मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डीकेडब्ल्यू एनजेड 350-1 मॉडल की है, जो उस समय मजबूत और भरोसेमंद मानी जाती थी।
नदी की कीचड़ में गैस ऑयल मिलने से आदर्श संरक्षण की स्थिति बनी, जिससे सैनिकों के अवशेष और उनकी पहचान डिस्क (आइडेंटिटी डिस्क) अच्छी तरह सुरक्षित रह गईं। दोनों सैनिकों की डिस्क पूरी तरह पढ़ने योग्य हैं और दोनों हिस्से एक साथ मिले हैं। इसका मतलब है कि उनकी मौत की सूचना बर्लिन के वेहरमाक्ट कार्यालय तक कभी नहीं पहुंची।
इन अवशेषों के साथ कई जर्मन टेलरमाइन 35 एंटी-टैंक माइन, एक सैन्य पदक और पेट्रोल कैन भी मिले हैं। वोल्क्सबुंड के विशेषज्ञ ने हंगेरियन सहयोगियों के साथ मिलकर इन अवशेषों को निकाला। दोनों सैनिकों को बुडापेस्ट के बाहरी इलाके में स्थित बुदाओर्स युद्ध कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।
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जल स्तर कम बने रहने पर और भी अवशेष सामने आने की उम्मीद है। इसमें जहाजों के मलबे भी शामिल हो सकते हैं, जहां से और युद्ध के शव मिल सकते हैं।
हंगरी की जिम्मेदारी होगी, लेकिन जर्मन सैनिकों के सबूत मिलने पर वोल्क्सबुंड को सूचित किया जाएगा। ये अवशेष करीब 80 साल से डेन्यूब के तल में दबे हुए थे।