यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में भारत विरोधी तत्वों का उत्पात, 1971 युद्ध का शहीद स्मारक तोड़ा
Bangladesh Crisis अंतरिम सरकार के गठन के बाद भी बांग्लादेश में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब भारत विरोधी तत्वों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया ह ...और पढ़ें

HighLights
- जनरल अरोड़ा के समक्ष आत्मसमर्पण करते पाकिस्तानी जनरल की थी प्रतिमा।
- कांग्रेस नेता थरूर ने कहा- भारत विरोधी तत्वों पर कार्रवाई करे अंतरिम सरकार।
जेएनएन, नई दिल्ली। बीते हफ्ते बांग्लादेश में हुए हिंसक आंदोलन का उद्देश्य केवल शेख हसीना की सरकार को हटाना ही नहीं था बल्कि भारत विरोधी भावना भी उपद्रवियों के सिर चढ़कर बोल रही थी। इसका सुबूत मेहरपुर के मुजीबनगर में तोड़ा गया शहीद स्मारक परिसर है।
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काम्प्लेक्स में लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष पाकिस्तानी जनरल नियाजी की आत्मसमर्पण के मसौदे पर दस्तखत करते हुए भव्य प्रतिमा और 1971 के युद्ध में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की कई प्रतिमाएं थीं।
इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र भी बना निशाना
इन प्रतिमाओं को उपद्रवियों ने तोड़ दिया है। इसी दौरान ढाका में स्थित इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र में भारी तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। 1971 में हुए युद्ध के परिणामस्वरूप ही पाकिस्तान से अलग होकर पूर्वी बंगाल बांग्लादेश बना था, लेकिन हिंसक आंदोलनकारियों ने बांग्लादेश बनने के चिह्नों और प्रतीकों पर प्रहार किया है।
शेख मुजीबुर्रहमान की प्रतिमा को भी नहीं छोड़ा
उपद्रव के दौरान भारत से जुड़े प्रतीकों पर हमला किया गया, साथ ही राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की प्रतिमाओं और ढाका के उस आवास को भी नहीं छोड़ा गया जिसमें उनकी हत्या हुई थी। माना जा रहा है कि हिंदुओं और मंदिरों पर हमले भी भारत विरोधी भावना के परिणाम थे।
तोड़फोड़ दुखी करने वाली: शशि थरूर
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बांग्लादेश सरकार से कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए अविलंब प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की है। कहा है कि 1971 के युद्ध से संबंधित शहीद स्मारक परिसर में की गई भारी तोड़फोड़ दुखी करने वाली है।
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भारत विरोधी तत्वों ने की तोड़फोड़
मुजीबनगर में हुई यह तोड़फोड़ निश्चित रूप से भारत विरोधी तत्वों ने की है। इसी दौरान भारतीय सांस्कृतिक केंद्र पर हमला किया गया और मंदिरों व हिंदुओं को निशाना बनाया गया। इससे पता चलता है कि आंदोलनकारियों की हिंसक भीड़ में शामिल कुछ लोगों का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था।
कांग्रेस ने की हिंदुओं पर हमले की निंदा
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को ऐसे तत्वों को नियंत्रित करने की कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए वहां की सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराए। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बांग्लादेश की स्थिति की चर्चा करते हुए केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। कहा है कि पड़ोसी देश में निर्वाचित सरकार को हटाने और बड़े पैमाने पर हिंसा की तैयारियों की भनक न लगना भारत सरकार की विफलता है।
सेकुलर हैं मुहम्मद यूनुस: शरद पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (पवार) के प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि बांग्लादेश सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस सेकुलर व्यक्ति हैं। उन्हें देश के सभी समुदायों के बीच सौहार्द स्थापित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।