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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sheikh Hasina: शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश में लड़ सकती चुनाव, निर्वाचन आयोग बोला- हम स्वतंत्र हैं

Updated: Wed, 01 Jan 2025 03:31 PM (IST)

बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी चुनाव लड़ सकती है। यह कहना है वहां के चुनाव आयोग का। आयोग ने कहा कि जब तक सरकार या कोर्ट प्रतिबंध नहीं लगाती है तब ...और पढ़ें

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना। ( फाइल फोटो )
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना। ( फाइल फोटो )

HighLights

  1. चुनाव आयुक्त बोले- किसी के दबाव में नहीं है आयोग।
  2. आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने को प्रतिबद्ध।
  3. 6 महीने के भीतर मतदाता सूची तैयार करने का लक्ष्य।

पीटीआई, ढाका। बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नसीरुद्दीन ने कहा है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग चुनाव में भाग ले सकती है, जब तक कि सरकार या न्यायपालिका प्रतिबंध नहीं लगाती। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ने सोमवार को चटगांव सर्किट हाउस में चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह बात कही।

नसीरुद्दीन बोले- चुनाव आयोग स्वतंत्र

एएमएम नसीरुद्दीन ने यह भी आश्वासन दिया कि चुनाव आयोग पूरी स्वतंत्रता के साथ चलता है और उसे किसी बाहरी दबाव का सामना नहीं करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सीईसी ने पिछले चुनावों में फर्जी मतदाताओं के मुद्दे को भी स्वीकार किया और मतदाता पंजीकरण में गिरावट के लिए मतदान प्रक्रिया में अविश्वास को जिम्मेदार ठहराया।

छह महीने में अपडेट होगी मतदाता सूची

नसीरुद्दीन ने कहा कि जल्द ही मतदाता सूची को अपडेट करने की शुरुआत की योजना की जानकारी दी है। यह कार्य छह महीनों के भीतर किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त के बाद से चुनावी मामलों पर राष्ट्रीय सहमति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस वर्ष चुनाव पिछले पैटर्न पर नहीं होंगे।

बीएनपी ने क्या कहा?

कुछ दिन पहले, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने कहा था कि मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के मतदान की न्यूनतम आयु 17 वर्ष निर्धारित करने के सुझाव से चुनाव आयोग पर दबाव पड़ेगा और चुनाव प्रक्रिया में देरी हो सकती है। 

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