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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    धरती के बेहद नजदीक से गुजरने वाला है ट्रक के आकार का Asteroid, दक्षिणी अमेरिका के ऊपर से गुजरेगा उल्‍का पिंड

    By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Thu, 26 Jan 2023 06:14 PM (IST)

    यह क्षुद्रग्रह धरती से बेहद करीब से गुजरेगा लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा पृथ्वी के वातावरण में आने पर जल जाएगा। कुछ टुकड़े उल्का पिंड की तरह गिर सकते हैं ...और पढ़ें

    जल्द ही पृथ्वी के काफी करीब से गुजरने वाला है एक क्षुद्रग्रह।
    जल्द ही पृथ्वी के काफी करीब से गुजरने वाला है एक क्षुद्रग्रह।

    केप कैनवरल, एजेंसी। ट्रक के आकार का एक क्षुद्रग्रह (एस्टेरायड) जल्द ही पृथ्वी के काफी करीब से गुजरने वाला है। इस तरह की अब तक जितनी घटनाएं हुई हैं, उनमें धरती के बेहद करीब से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों में से यह एक होगा।

    नासा का कहना है कि क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने की कोई आशंका नहीं है।नासा ने बुधवार को कहा कि नया खोजा गया क्षुद्रग्रह दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी छोर से 3,600 किलोमीटर ऊपर रहेगा। यह अंतरिक्ष में घूम रहे संचार उपग्रहों से करीब 10 गुना करीब होगा। इस एस्टेरॉयड को 2023 BU नाम दिया गया है। 

    उपग्रह को सबसे पहले खगोलशास्त्री गेन्नेडी बोरिसोव ने देखा 

    समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, विज्ञानियों का कहना है कि भले ही यह क्षुद्रग्रह बेहद करीब होगा, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा पृथ्वी के वातावरण में आने पर जल जाएगा। कुछ टुकड़े उल्का पिंड की तरह गिर सकते हैं। 2023 बीयू नामक इस क्षुद्रग्रह का आकार 11 फीट गुना 28 फीट के बीच माना जा रहा है। इसे सबसे पहले क्रीमिया में खगोलशास्त्री गेन्नेडी बोरिसोव ने देखा था, जिन्होंने 2019 में एक इंटरस्टेलर धूमकेतु की खोज की थी।

    (फोटो सोर्स: एपी)

    जानिए आखिर क्या है उपग्रह की रफ्तार

    नासा का कहना है कि यह उपग्रह 25682 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से यात्रा कर रहा है, जो कि हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से लगभग दोगुनी रफ्तार है। नासा ने बताया कि यह Asteroid YU3-76 फीट चौड़ा है, जो एक विमान के आकार का है। जानकारी के मुताबिक, धरती के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में आने के बाद इसका रास्ता तेजी से बदलेगा. नासा के मुताबिक ये सूर्य की परिक्रमा करने की बजाय 425 दिनों तक चलने वाले अंडाकार ऑर्बिट में चला जाएगा।

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