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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तो क्या पाकिस्तान से अलग होगा यह प्रांत? पूर्व सीएम के दावे ने बढ़ाई पाक सरकार की धड़कन

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Updated: Sun, 01 Dec 2024 09:33 AM (IST)

Pakistan पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री का दावे ने पाक सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। गौरतलब है कि प्रांत के लोग लंबे समय से आजादी की ...और पढ़ें

बलूचिस्तान के लोग लंबे समय से पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं। (File Image)
बलूचिस्तान के लोग लंबे समय से पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं। (File Image)

HighLights

  1. बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, बलूच लोग पाकिस्तान से आजादी का समर्थन करते हैं।
  2. कहा- आबादी का बड़ा हिस्सा सक्रिय रूप से राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए प्रयास कर रहा है।

एएनआई, क्वेटा। बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रांतीय विधानसभा के वर्तमान सदस्य नवाब असलम रईसानी ने कहा है कि बलूच लोगों का बहुमत पाकिस्तान से आजादी का समर्थन करता है। एक बयान में, रईसानी ने बलूच राष्ट्र को तीन अलग-अलग गुटों में विभाजित बताया।

एएनआई ने पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया कि रायसानी का कहना है, 'बलूच लोगों का एक बड़ा हिस्सा आजादी के पक्ष में है और सक्रिय रूप से राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए प्रयास कर रहा है।' रायसानी ने कहा कि दूसरे समूह में राज्य से जुड़े लोग शामिल हैं, जो व्यक्तिगत हितों और सत्ता की इच्छा से प्रेरित हैं।

'तीसरे समूह का प्रभाव सीमित'

उन्होंने कहा, 'यह गुट मौजूदा व्यवस्था के प्रति वफादार है और राष्ट्रीय आकांक्षाओं पर सत्ता को प्राथमिकता देता है।' रायसानी ने कहा कि तीसरे गुट में राष्ट्रवादी दल शामिल हैं, जो संघ के भीतर स्वायत्तता और संसाधन नियंत्रण की वकालत करते हैं। हालांकि, उन्होंने इस समूह को कमजोर और प्रभाव में सीमित बताया।

उन्होंने कहा, 'मौजूदा परिस्थितियों में, इन राष्ट्रवादी संसदीय दलों ने अपना महत्व खो दिया है।' इससे पहले शनिवार को बलूच यखजेती समिति ने बलूच युवाओं के लगातार गायब होने के मुद्दे पर प्रकाश डाला। उसने अपने बयान में बताया, 'बलूचों के जबरन गायब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे पीड़ितों और उनके परिवारों पर गंभीर असर पड़ रहा है और सामूहिक पीड़ा हो रही है। पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा बलों ने कई लोगों को गायब कर दिया है, जिनमें से 11 को दर्ज किया गया है।'

गायब हुए कई युवा

बीवाईसी ने एक्स पर अपने बयान में कहा, 'लापता युवाओं का विवरण इस प्रकार है: उथल बाजार से बलच, बयान, नासिर और गुलाब बलूच, लासबेला विश्वविद्यालय के छात्र। असकानी बाजार, तुर्बत, केच से निसार बलूच और सलीम बलूच। जेवानी, ग्वादर से फकीर मुहम्मद, दाद मुहम्मद और दुर्जन बलूच। कराची से परवेज समद, सिद्दीक अहमद। राज्य और उसके अधिकारियों ने बलूच नरसंहार को आगे बढ़ाने और प्रतिरोध को कुचलने के लिए जबरन गायब होने की घटनाओं को तेज कर दिया है। हर जगह बलूच राज्य के लिए एक लक्ष्य बन गए हैं।'

बीवाईसी ने 27 नवंबर को दिल जान बलूच के परिवार के साथ अवारन में एक धरना शिविर का आयोजन किया, जिसे 22 जून, 2024 को जबरन गायब कर दिया गया था। सेमिनार में वक्ताओं में बीवाईसी के नेता सम्मी दीन बलूच, दिल जान के परिवार के सदस्य और अन्य शामिल थे, जिन्होंने बलूच लोगों की मौजूदा दुर्दशा पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य द्वारा पिछले आश्वासनों को पूरा करने में विफलता की निंदा की।