यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इमरान पर हमले के विरोध में पाकिस्तान में बड़े प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
इमरान पर गुरुवार शाम वजीराबाद में हमला हुआ था वह इलाका पंजाब प्रांत में आता है। शुक्रवार को पंजाब पुलिस ने साजिश में शामिल होने के शक में दो और लोगों ...और पढ़ें

इस्लामाबाद, पीटीआई। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं। जुमे की नमाज के बाद एकत्रित लोगों ने कई स्थानों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतले जलाए। इस बीच पाकिस्तान सरकार ने पंजाब के प्रशासन से हत्या की साजिश की तह में जाकर जांच करने के लिए कहा है।
इमरान पर गुरुवार शाम वजीराबाद में हमला हुआ था, वह इलाका पंजाब प्रांत में आता है। शुक्रवार को पंजाब पुलिस ने साजिश में शामिल होने के शक में दो और लोगों को गिरफ्तार किया। हमलावर हमले के तत्काल बाद मौके से गुरुवार को ही गिरफ्तार हो चुका है।
इमरान की दशा में तेजी से सुधार, मार्च जारी रखने का एलान
उससे और गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है। इस बीच अमेरिका ने इमरान पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) ने कहा है कि यह हमला सुनियोजित षडयंत्र का हिस्सा था जिसमें इमरान खान की जान बच गई। पार्टी ने कहा है कि इमरान हकीकी आजादी के नाम से चल रहा लांग मार्च जारी रखने पर कायम हैं। यह मार्च इस्लामाबाद तक जाएगा। पीटीआइ यह मार्च शहबाज सरकार भंग करके चुनाव कराए जाने की मांग लेकर कर रही है।
पाकिस्तान की संघीय सरकार ने पंजाब सरकार से उच्चस्तरीय जांच दल गठित करके तथ्यों के आधार पर जांच करवाने के लिए कहा है। हमले में 70 वर्षीय इमरान खान के दाहिने पैर में गोली लगी थी जिसे आपरेशन के बाद निकाल दिया गया है। अब वह खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे हैं और लाहौर स्थित अपने शौकत खानम अस्पताल में लोगों से आराम से बातचीत कर रहे हैं।
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान पर यह हमला पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ लांग मार्च के दौरान हुआ था। शुक्रवार को नमाज के बाद पीटीआइ कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों से कई शहरों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने रावलपिंडी को इस्लामाबाद से जोड़ने वाली अति व्यस्त मुरी रोड को भी काफी देर तक रोके रखा जिससे उस पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। दोनों शहरों के बीच एक स्थान पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव भी हुआ। लाहौर में गवर्नर हाउस के बाहर भी प्रदर्शन हुआ।
हमले में शरीफ और सनाउल्ला का हाथ
पीटीआइ के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी ने कहा है कि हमला इमरान खान की हत्या के लिए किया गया था। उसके पीछे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, मंत्री राणा सनाउल्ला और मेजर जनरल फैसल नसीर का हाथ है। उन्हें पद से हटाए बगैर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। चौधरी ने कहा, हमले में एक नहीं कई हमलावर शामिल थे, उनकी तलाश होनी चाहिए।
20 हजार में पिस्टल और कारतूस खरीदे गए
पुलिस ने मामले में वकास और साजिद बट नाम के दो लोगों को वजीराबाद से गिरफ्तार किया है। जियो न्यूज के अनुसार इन्हीं दोनों ने 20 हजार रुपये में पिस्टल और कारतूस खरीदकर हमलावर नावेद मुहम्मद बशीर को दिए थे। बशीर ने कैमरे के सामने अपना अपराध कुबूल किया है और कहा है कि वह अकेला हमलावर है।