Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pakistan: Cipher मामले में इमरान खान और शाह महमूद कुरैशी पाए गए दोषी, FIA ने दायर किया आरोप पत्र

    By AgencyEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Sat, 30 Sep 2023 05:55 PM (IST)

    इमरान खान (Imran Khan) और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) को सिफर मामले में देश की शीर्ष जांच एजेंसी एफआईए ने दोषी पाया है। ...और पढ़ें

    FIA ने इमरान के खिलफ दायार किया आरोप पत्र। फोटोः जागरण ग्राफिक्स।
    FIA ने इमरान के खिलफ दायार किया आरोप पत्र। फोटोः जागरण ग्राफिक्स।

    HighLights

    1. FIA ने इमरान खान और शाह महमूद कुरैशी के खिलफ दायार किया आरोप पत्र।
    2. सिफर मामले में दोनों नेता पाए गए दोषी

    इस्लामाबाद, पीटीआई। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान (Imran Khan) और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) को सिफर मामले (Cipher Case) में देश की शीर्ष जांच एजेंसी एफआईए ने दोषी पाया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियोटीवी के हवाले से यह जानकारी दी है।

    एफआईए ने दोनों इमरान और कुरैशी को पाया दोषी

    पाकिस्तानी  संघीय जांच एजेंसी ने दोनों के खिलाफ एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया। मालूम हो कि पीटीआई प्रमुख और पूर्व विदेश मंत्री दोनों वर्तमान में न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद हैं। जांच एजेंसी द्वारा दायर आरोप पत्र में पीटीआई के पूर्व महासचिव असद उमर का नाम नहीं है। वहीं, इमरान खान के पूर्व प्रमुख सचिव आजम खान को इस मामले में मजबूत गवाह के रूप में नामित किया गया है।

    यह भी पढ़ेंः इमरान खान की उम्मीदों पर फिरा पानी, सिफर मामले में कोर्ट ने फिर बढ़ाई 14 दिन की न्यायिक हिरासत

    क्या है सिफर मामला?

    मालूम हो कि सिफर मामला पहली बार 27 मार्च, 2022 को सामने आया था। अप्रैल, 2022 में इमरान खान को सत्ता से हटाए जाने के बाद उन्होंने एक सार्वजनिक रैली की थी। इस दौरान उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए भीड़ के सामने एक पत्र को लहराते हुए दावा किया था कि विदेशी ताकतों ने उन्हें सत्ता से हाटने के लिए साजिस रची थी। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने साजिस के तहत पीटीआई सरकार को उखाड़ फेंका है।

    एफआईए ने सौंपी 28 गवाहों की सूची

    एफआईए ने अपने आरोप पत्र में इमरान खान और कुरैशी द्वारा 27 मार्च को दिए गए भाषण की प्रतिलिपि को भी जमा किया है। एजेंसी ने आरोप पत्र के साथ 28 गवाहों की एक सूची भी सौंपी है। गवाहों की सूची में विदेश सचिव असद माजिद, पूर्व विदेश सचिव सोहेल महमूद और अतिरिक्त विदेश सचिव फैसल नियाज तिर्मिजी के नाम शामिल हैं।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ेंः इमरान खान की उम्मीदों पर फिरा पानी, सिफर मामले में कोर्ट ने फिर बढ़ाई 14 दिन की न्यायिक हिरासत