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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गिफ्ट मामले में आया फैसला बदल देगा पाकिस्‍तान की राजनीति का रुख, जानें- इमरान खान के पास क्‍या हैं विकल्‍प

    By Jagran NewsEdited By: Kamal Verma
    Updated: Fri, 21 Oct 2022 03:43 PM (GMT+05:30)

    गिफ्ट मामले में आया चुनाव आयोग का फैसला इमरान खान के लिए किसी वज्रपात जैसा ही है। इस फैसले ने देश की राजनीति में एक भूचाल लाने का काम किया है। इमरान ख ...और पढ़ें

    तोशेखाना मामले ने बढ़ाई इमरान खान की मुश्किलें
    तोशेखाना मामले ने बढ़ाई इमरान खान की मुश्किलें

    नई दिल्‍ली (आनलाइन डेस्‍क)। तोशाखाना (गिफ्ट) मामले में जिस तरह की आशंका जाहिर की जा रही थी, ठीक वैसा ही फैसला चुनाव आयोग ने सुना दिया है। इस फैसले के साथ ही इमरान खान को पांच साल के लिए अयोग्‍य करार दिया गया है। इसका सीधा-सा अर्थ है कि वो अगले 5 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसका एक अर्थ ये भी है कि उनकी न तो उनकी नेशनल असेंबली में एंट्री होगी और न ही वो पांच वर्षों तक दोबारा पीएम बन सकेंगे। ये फैसला जहां इमरान खान के राजनीतिक करियर में विराम लगाने वाला साबित हो सकता है वहीं सरकार के लिए ये एक बड़ी जीत है।

    पहले से ही था अंदेशा 

    इमरान खान इस फैसले को लेकर पहले ही अंदेशा जता चुके थे। बहरहाल, अब जबकि ये फैसला आ चुका है तो इससे पीटीआई की सियासत में भूचाल आना तय है। हालांकि, पीटीआई इस फैसले के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा जरूर खटखटाएगी। पहले से ही पीटीआई की तरफ से एक याचिका सुप्रीम जूडिशियल काउंसिल में दायर की जा चुकी है। इस याचिका में मुख्‍य चुनाव आयोग को बर्खास्‍त करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त सरकार के हित और दबाव में पीटीआई प्रमुख इमरान खान के खिलाफ फैसला ले रहे हैं। इस तरह से वो कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

    पीटीआई का बड़ा बयान

    आयोग के फैसले के तुरंत बाद पीटीआई के वरिष्‍ठ नेता और इमरान खान के बेहद करीबी फवाद चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि आयोग का फैसला देश की जनता के मुंह पर तमाचा है। पीटीआई ने साफ कर दिया है कि वो इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। अब जो बात पीटीआई की तरफ से कही जा रही है वो पहले भी इमरान खान कर चुके हैं। तोशाखाना मामले की शुरुआत में ही इमरान खान ने आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरने का ऐलान किया था। अब ताजा फैसले के बाद देश की राजनीति में बिछी चुनावी बिसात पर प्‍यादों के दांवपेंच का नया दौर शुरू हो जाएगा।

    सड़कों पर उतरेगी पीटीआई

    बता दें कि आयोग ने संविधान के अनुच्‍छेद 63 (1) (p) के तहत ये फैसला सुनाया है। पांच सदस्‍यीय पीठ ने इमरान खान को तोशाखाना मामले में दोषी पाया है और पांच वर्ष के लिए अयोग्‍य करार दिया है। पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने कहा है कि अब जनता सरकार को सबक सिखाएगी। उन्‍होंने यहां तक कहा कि ये फैसला पूर्व पीएम नवाज ने लिखा और उनके चमचों द्वारा साइन किया गया है। जनता इस फैसले को कभी नहीं मानेगी। पीटीआई ने साफ किया है कि वो इस मामले को हर मंच पर उठाएंगे। गौरतलब है कि अगस्‍त में पीएमएल-एन ने ये मामला आयोग में दर्ज कराया था। सुनवाई के बाद सितंबर में इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।  

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