फिल्मी अंदाज में इमरान खान की पार्टी के नेता का अपहरण, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
पाकिस्तान में PTI ने शहबाज शरीफ सरकार और सेना पर संस्थागत आदेश थोपने तथा नेताओं के अपहरण का आरोप लगाया है।
HighLights
PTI ने सरकार और सेना पर संस्थागत आदेश थोपने का आरोप लगाया।
खैबर पख्तूनख्वा में PTI नेताओं के अपहरण का प्रयास, गिरफ्तारियां जारी।
इमरान खान की रिहाई हेतु 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान।
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस्लामाबाद में शहबाज शरीफ सरकार और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना पर संस्थागत आदेश थोपने का आरोप लगाया है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि खैबर पख्तूनख्वा में उसके नेताओं का बंदूक की नोक पर अपहरण किया जा रहा है अपहरण की कोशिशें हो रही हैं, जबकि पार्टी का एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होने वाला है।
इमरान खान की हर हाल में रिहाई की मांग करते हुए 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले लाहौर पुलिस ने पूर्व पीएम की तीन बहनों और उनके बच्चों को हिरासत में ले लिया है।
पीटीआई ने आरोप लगाया कि उनके दो नेता, जिनमें मंत्री फजल शूकर खार और पूर्व प्रांतीय मंत्री शकील अहमद शामिल हैं, जो सत्तावादी रवैये का ताजा शिकार बने हैं।
प्रांतीय असेंबली में चर्चा के दौरान, खैबर पख्तूनख्वा असेंबली के स्पीकर बाबर सलीम स्वाति ने आरोप लगाया कि पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग मंत्री फजल शकूर खान को पेशावर में नकाबपोश लोगों ने सड़क के बीच से उठा लिया, जबकि मलाकंद में मंत्री शकील खान के अपहरण की कोशिश नाकाम कर दी गई।
'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाति ने कहा कि नकाबपोश लोगों का लोगों पर गोली चलाना और उनका अपहरण करना संस्थानों के कामकाज पर सवालिया निशान है। उन्होंने पुलिस पर एजेंसियों की बी-टीम के तौर पर काम करने का आरोप भी लगाया।
'मानवीय संकट' की तैयारी कर रहा पाकिस्तान
27 सितंबर को होने वाले मार्च से पहले, पाकिस्तान में अधिकारियों ने PTI के कई चुने हुए नेताओं को गिरफ्तार किया है और पार्टी के दफ्तरों पर छापे मारे हैं।
साथ ही, इस्लामाबाद के अस्पतालों को भी इमरजेंसी मोड में डाल दिया गया है। 'ड्रॉप साइट' की एक रिपोर्ट से पता चला है कि शरीफ सरकार ने प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं, जिनमें उन्हें इस्लामाबाद में संभावित मानवीय संकट और बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की घटना के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
खबरों के मुताबिक, इन उपायों का असर इस्लामाबाद के अस्पतालों में मरीजों पर पड़ने लगा है; जिन मरीजों की सर्जरी होनी थी, उन्हें बताया गया कि उनकी प्रक्रियाएं टाल दी जाएंगी।
पाकिस्तान में गृह युद्ध का खतरा
सख्त कार्रवाई के बावजूद, PTI ने कहा है कि वह अपना प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन जारी रखेगी। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि पार्टी 25 सितंबर को अपने विरोध-प्रदर्शन की विस्तृत योजना की घोषणा करेगी और पूरे देश में कार्यकर्ताओं को लामबंद करेगी।
पेशावर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अफरीदी ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन से पहले ही PTI के प्रांतीय मंत्रियों और विधायकों की गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं, जिसके चलते पार्टी के संसदीय समूह की आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ी। मंत्री ने कहा कि पार्टी ने सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ते अपनाए हैं, लेकिन अदालत के आदेशों के बावजूद उन्हें खान से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि PTI का टकराव का कोई इरादा नहीं है और वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगें रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ता हथियार साथ नहीं रखेंगे।
अफरीदी ने यह भी चेतावनी दी कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी होने पर जवाबी कार्रवाई हो सकती है और आरोप लगाया कि मौजूदा हालात देश को 'गृह युद्ध' की ओर धकेल रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
