यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pakistan Elections: कौन होगा पाकिस्तान का नया वजीर-ए-आजम? हिंसा के बीच चुनाव संपन्न; देर रात तक स्थिति होगी स्पष्ट
पाकिस्तान में छिटपुट हिंसा के बीच आम चुनाव के लिए गुरुवार शाम मतदान पूरा हो गया और मतगणना शुरू हो गई। चुनाव ड्यूटी के दौरान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ...और पढ़ें

HighLights
- मतगणना शुरू, देर रात से परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे
- चुनाव ड्यूटी के दौरान हमले में पांच पुलिसकर्मियों की मौत
पीटीआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तान में छिटपुट हिंसा के बीच आम चुनाव के लिए गुरुवार शाम मतदान पूरा हो गया और मतगणना शुरू हो गई, शुक्रवार दोपहर तक ज्यादातर परिणाम आने की उम्मीद है।
चुनाव के बीच दहला PAK
चुनाव ड्यूटी के दौरान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खां जिले में सुरक्षाकर्मियों के वाहन पर हमले में पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। वाशबूद पंजगुर में हुए विस्फोट में दो बच्चों के मरने की सूचना है, अन्य घटनाओं में भी दो लोग मारे गए हैं। वैसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को पूरे दिन निलंबित रखा था।
मतगणना शुरू
चुनाव सर्वे में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) को आगे माना जा रहा है। नवाज को सेना का समर्थन भी माना जा रहा है। मतदान के बाद मतगणना स्थलों पर ही उम्मीदवारों के एजेंटों के समक्ष मतपेटियों की सील तोड़कर मतगणना शुरू कर दी गई।

मतगणना संचालित कराने वाले पीठासीन अधिकारी ही रिटर्निंग ऑफिसर के जरिये चुनाव प्रबंधन व्यवस्था को सूचित करेंगे और परिणाम की घोषणा करेंगे। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए मतगणना स्थलों के आसपास लगभग साढ़े छह लाख सुरक्षाकर्मियों को नियुक्त किया गया है।
निर्दलीय प्रत्याशी बनकर चुनाव में उतरे PTI नेता
चुनाव में पीएमएल (एन) के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को मुकाबले में माना जा रहा है। चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग द्वारा रोक लगाने के कारण पीटीआई के उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं।
पाकिस्तान की नई सरकार के लिए आर्थिक तंगी और आतंकवाद से निपटना बड़ी चुनौती होगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई बड़े हमले करके आतंकी संगठनों ने अपनी ताकत प्रदर्शित की है।

