यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आतंक का पालनहार खुद आतंकवाद से परेशान! पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने उग्रवाद को माना खतरा, बोले- इससे निपटने की जरूरत
Pakistan पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आतंकवाद और उग्रवाद के खतरे से निपटने का आव्हान करते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ताकत बढ़ाने और ...और पढ़ें

पीटीआई, इस्लामाबाद। भारत के खिलाफ हथियार के रूप में आतंकवाद का इस्तेमाल करने वाला पाकिस्तान अब खुद इस समस्या से घिरता नजर आ रहा है। ऐसे में वहां के राष्ट्रपति अब कानून और अभियोजन तंत्र में सुधार की जरूरत महसूस कर रहे हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आतंकवाद और उग्रवाद के खतरे से निपटने का आव्हान करते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ताकत बढ़ाने और अभियोजन तंत्र में सुधार की वकालत की है।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने डॉन अखबार के हवाले से बताया कि जरदारी ने बलूचिस्तान में सुरक्षा, कानून और व्यवस्था की स्थिति पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) को सौंपी गई शक्तियों में खामियों से अवगत होने के बाद यह बात कही। गौरतलब है कि ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे बलूचिस्तान में लंबे समय से हिंसक विद्रोह चल रहा है। यहां पर सैन्य काफिलों और सुरक्षाकर्मियों पर हमले भी बेहद आम हैं।
बताई सुधार की आवश्यकता
ग्वादर शहर में आयोजित बैठक के दौरान जरदारी ने आतंकवाद से निपटने में प्रांतीय सरकार के प्रयासों के साथ-साथ एलईए के बलिदान की सराहना की, लेकिन सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "अभियोजन प्रणाली में सुधार की जरूरत है, ताकि आतंकवादी न्याय से बच न सकें। सक्षम और बहादुर पुलिस अधिकारियों को प्रांत में तैनात करने की जरूरत है, क्योंकि इससे प्रांत की कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार करने में मदद मिलेगी।"
राजनीतिक संवाद पर दिया जोर
रिपोर्ट के अनुसार, जरदारी ने राजनीतिक संवाद पर जोर देते हुए कहा कि यह बलूचिस्तान में समृद्धि, विकास और शांति लाने का आगे का रास्ता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बलूचिस्तान की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए, राष्ट्रपति ने अपने लोगों के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने और अधिक कुशल पेशेवरों को तैयार करने का आह्वान किया है।
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बैठक में आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती, नेशनल असेंब्ली के सदस्य मलिक शाह गोरगैज, गृह मंत्री जियाउल्लाह लैंगोव, प्रांतीय असेंबली के सदस्य मौलाना हिदायतुर रहमान और वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए।