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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pakistan Politics: कभी भी हो सकती है पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी, अरेस्ट वॉरंट जारी

By AgencyEdited By: Krishna Bihari Singh
Updated: Sat, 01 Oct 2022 09:10 PM (IST)

Arrest warrant against Imran Khan इस्लामाबाद के मजिस्ट्रेट ने पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख इमरान खान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। इमरान खान पर एक महिला न्यायाधीश के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने का आरोप है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

इमरान खान के खिलाफ एक गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
इमरान खान के खिलाफ एक गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

इस्‍लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्‍तान में सियासत कब नाटकीय मोड़ ले ले कहा नहीं जा सकता है। ताजा मामला पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सामने आया है। इस्लामाबाद के मजिस्ट्रेट ने पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख इमरान खान के खिलाफ महिला न्यायाधीश के खिलाफ की गई उनकी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद आशंकाएं हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को धमकाने का आरोप

पाकिस्‍तान चैनल जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद के मारगल्ला पुलिस स्टेशन (Margalla Police Station) के मजिस्ट्रेट ने पीटीआई प्रमुख के खिलाफ 20 अगस्त को दर्ज मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी (Zeba Chaudhry) को धमकाने के मामले में वारंट जारी किया।

इन धाराओं में केस 

प्राथमिकी में पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की चार धाराएं शामिल हैं। इन चार धाराओं में 506 (आपराधिक धमकी), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 189 (लोक सेवक को चोट पहुंचाने की धमकी), और धारा-188 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) शामिल हैं। यह गिरफ्तारी वारंट इमरान खान की ओर से हलफनामा दाखिल करने के कुछ घंटों बाद आया।

दाखिल किया हलफनामा 

हलफनामे में कहा गया है कि इस बात का आभास हो रहा है कि उन्होंने 20 अगस्त को राजधानी में आयोजित रैली में सीमा पार की थी। वहीं पाकिस्‍तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने हलफनामे का हवाला देते हुए बताया कि इमरान खान ने अदालत को भरोसा दिया कि वह भविष्य में ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे न्यायपालिका खासकर निचली अदालतों की गरिमा को ठेस पहुंचे।  

माफी मांगने के लिए तैयार

इमरान खान ने यह भी कहा है कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष उन्‍होंने जिन बातों का भरोसा दिया था उनका वह पूरी तरह से पालन करेंगे। यही नहीं वह इस मामले में अदालत को संतुष्ट करने के लिए आगे की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इमरान खान का कहना है कि यदि न्यायाधीश को लगता है कि उन्होंने सीमा रेखा पार की है तो वह माफी मांगने के लिए भी तैयार हैं। 20 अगस्त को दर्ज की गई प्राथमिकी में कहा गया है कि इमरान ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को धमकी दी थी।

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