यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बेर्शम पाकिस्तान और निर्लज PAK जनरल...आसिम मुनीर के फील्ड मार्शल बनने की पीछे क्या है मकसद?
पाकिस्तान ने बेशर्मी की हदें पार करते हुए जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता ...और पढ़ें

आईएनएस, इस्लामाबाद। पाकिस्तान बेशर्मी की सारी हदें पार कर रहा है। उसने 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय सेना के हाथों मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का प्रमोशन किया है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में एक अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया गया। सरकारी टीवी पीटीवी के अनुसार, कैबिनेट ने जनरल मुनीर को पदोन्नत करने का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह फैसला भारत के साथ हालिया संघर्ष में उनकी कथित अनुकरणीय भूमिका के लिए लिया गया है।
दूसरे फील्ड मार्शल बने आसिम मुनीर
57 वर्षीय जनरल मुनीर पाकिस्तान के 11वें सेना प्रमुख हैं और वह देश के 78 वर्ष के इतिहास में केवल दूसरे फाइव स्टार फील्ड अधिकारी बनेंगे। पाकिस्तान में अभी तक एकमात्र फील्ड मार्शल सैन्य शासक अयूब खान थे। उन्होंने 1959 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद खुद को इस शीर्ष रैंक पर पदोन्नत किया था।
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान में वास्तविक सत्ता सेना के पास है और मुनीर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपमानजनक हार के बावजूद खुद को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया है। जबकि कुछ अन्य विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि मुनीर पाकिस्तान पर अपनी पकड़ और नियंत्रण को मजबूत कर रहे हैं।
भारतीय मिसाइलों ने पाक सेना को नाको चने चबाए
उल्लेखनीय है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के हालिया 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। भारतीय मिसाइलों ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर कई एयरबेस को तबाह किया था। इसके बावजूद पाकिस्तान इसे अपनी जीत के तौर पर पेश करने के लिए झूठे दावे करने से बाज नहीं आ रहा।