पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ की चेतावनी: भारत के साथ विवादों का समाधान जरूरी, भविष्य का टकराव होगा और खतरनाक
पाकिस्तान के वरिष्ठ रक्षा विशेषज्ञ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) जुबैर महमूद हयात ने ...और पढ़ें

पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ की चेतावनी: भारत के साथ विवादों का समाधान जरूरी
HighLights
पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ ने कहा, पड़ोसी देशों के बीच युद्ध को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता
जुबैर महमूद हयात ने कहा, भविष्य में दोनों देशों के बीच टकराव हो सकता है और खतरनाक
पीटीआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के वरिष्ठ रक्षा विशेषज्ञ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) जुबैर महमूद हयात ने बुधवार को भारत के साथ विवादों के समाधान पर जोर दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि मूल समस्याओं का समाधान किए बिना किसी संकट को समाप्त करना भविष्य में अधिक खतरनाक टकराव का रास्ता खोल सकता है।
इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक स्ट्रैटेजिक विजन इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम में हयात ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का समाधान और सिंधु जल संधि की बहाली क्षेत्र में शांति के लिए आवश्यक हैं। संस्थान की ओर से जारी बयान में उनके विचारों की जानकारी दी गई।
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में टकराव रोकने के लिए केवल परमाणु प्रतिरोध पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।
हयात ने कहा कि दो परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसी देशों के बीच युद्ध को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, युद्ध के लिए कोई ऐसी सुरक्षित स्थिति प्रमाणित नहीं है, जिसमें जोखिम पूरी तरह समाप्त हो जाए।
उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में नई तकनीकों, अलग राजनीतिक नेतृत्व और फैसले लेने के लिए कम समय के कारण गलत आकलन तथा अनजाने में तनाव बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है।
पाकिस्तानी कोर्ट ने पूर्व सीएम सोहेल अफरीदी के संबंध में अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
पाकिस्तान के एक हाई कोर्ट ने बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की हिरासत को गैर-कानूनी बताने वाली याचिका पर सुनवाई की।
अदालत ने प्रांतीय पुलिस प्रमुख और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से 10 दिनों के भीतर अफरीदी के ठिकाने और उनकी कानूनी स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी है।
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण 11 अक्टूबर को आपातकाल लागू किया गया था। इसके तुरंत बाद, अफरीदी और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था।
पेशावर हाई कोर्ट ने अपने लिखित आदेश में पुलिस महानिरीक्षक, मुख्य सचिव और गृह सचिव को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या अफरीदी को गिरफ्तार किया गया है या किसी आपराधिक मामले में उनका नाम शामिल है।
अदालत ने उन्हें 10 दिनों के भीतर अफरीदी के ठिकाने और उनकी कानूनी स्थिति के बारे में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
