यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pakistan: सिंध और पंजाब में तोड़े गए अहमदिया मुसलमानों के धर्मस्थल, कट्टरपंथी लोगों ने घटना को दिया अंजाम
रिपोर्ट के अनुसार कट्टरपंथी लोगों और पुलिस ने तोड़ी मेहराबें और मीनारें। तोड़फोड़ की अधिकांश घटनाएं पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांत में हुईं। जमात-ए ...और पढ़ें

लाहौर, पीटीआई। पाकिस्तान में वर्ष 2023 में ही जनवरी से अब तक अल्पसंख्यक अहमदिया मुसलमानों के कम से कम 28 धर्मस्थलों में तोड़फोड़ की गई है। जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में कट्टरपंथी इस्लामियों या पुलिस ने अहमदिया मुसलमानों को इस दर प्रताड़ित किया है कि सिंध प्रांत में दस और शेष पंजाब प्रांत में उनके धर्मस्थलों को सरेआम तहस-नहस किया गया है।
हाई कोर्ट के आदेश की अनदेखी
रिपोर्ट के अनुसार कुछ अहमदी धर्मस्थलों पर कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के लोगों ने हमले किए जबकि अन्य जगहों पर कट्टरपंथियों के दबाव में पुलिस ने खुद ही उनकी नमाजस्थलों की मीनारों, मेहराबों, शिलालेखों और ढांचे को पूरा का पूरा हटा दिया है।
ऐसी ही एक हालिया घटना विगत आठ सितंबर, शुक्रवार को पंजाब प्रांत में हुई थी जब स्थानीय पुलिस ने अहमदियाओं के धर्मस्थलों के मेहराबों को हटाया गया था। यह हाई कोर्ट के उस आदेश की अनदेखी करके किया गया जिसमें उसने 1984 से पहले बने अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मस्थलों की तोड़फोड़ पर प्रतिबंध लगाया है।
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पूरे देश में अहमदिया मुसलमान हो रहे प्रताड़ित
जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान का कहना है कि देश में अहमदिया मुसलमानों को दरकिनार किया जा रहा है और स्थितियां दिन ब दिन बिगड़ती ही जा रही हैं। पाकिस्तान के कट्टरपंथी तत्व के हाथों अहमदिया मुसलमान प्रताड़ित हो रहे हैं। उनके धर्मस्थलों को तोड़ना एक नया मानक बन चुका है और प्रशासन इसमें कुछ भी नहीं कर रहा है। अहमदियाओं को पाकिस्तान में आमतौर पर कादिनी कहा जाता है जो उनके लिए अपमानजनक शब्द है।
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पाकिस्तानी संसद ने 1974 में अहमदी समुदाय को गैर मुसलमान घोषित कर दिया था। उन पर धर्म उपदेश देने और सऊदी अरब जाकर हज करने पर रोक लगाई गई है। जबकि पाकिस्तान में इनकी तादाद करीब दस लाख है।
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