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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pakistan: 'US के छोड़े हथियार इस्तेमाल कर रहे आतंकवादी', कार्यवाहक PM बोले- तालिबान के शासन से 60 फीसद बढ़ी आतंकी घटनाएं

    By AgencyEdited By: Anurag Gupta
    Updated: Wed, 08 Nov 2023 10:13 PM (IST)

    कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने बुधवार को कहा कि पड़ोसी अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आने के बाद पाकिस्तान में 60 प्रतिशत आतंकी घटनाएं बढ़ ...और पढ़ें

    कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर (फाइल फोटो)
    कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. टीटीपी के हमले में बीते दो वर्षों में 2,267 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए
    2. आतंकवादी घटनाओं से खुद पीड़ित है पाकिस्तान

    पीटीआई, इस्लामाबाद। आतंक का पोषण करने वाला पाकिस्तान इन दिनों खुद इसकी आग में झुलस रहा है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने बुधवार को कहा कि पड़ोसी अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आने के बाद पाकिस्तान में 60 प्रतिशत आतंकी घटनाएं बढ़ गई हैं। अफगानिस्तान से जाते समय अमेरिका द्वारा छोड़े गए अत्याधुनिक हथियार तालिबान आतंकियों के हाथ में आ गए हैं। इससे एक दिन पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसने अफगानिस्तान में कोई हथियार नहीं छोड़े हैं।

    क्या कुछ बोले कार्यवाहक PM?

    इस्लामाबाद में बुधवार को प्रेसवार्ता में पाकिस्तान के कार्यवाहक पीएम काकर ने कहा कि अफगानिस्तान में अगस्त, 2021 में अंतरिम सरकार के गठन के बाद हमें लंबे समय तक शांति कायम होने की उम्मीद थी, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा,

    पाकिस्तान में आत्मघाती बम ब्लास्ट की घटनाएं 500 प्रतिशत बढ़ गई हैं। पाकिस्तान के विरोधी समूहों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है, खासतौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर। इन्हें पाकिस्तान के विरुद्ध अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल नहीं करने देना चाहिए।

    TTP के हमले में कितने लोगों की गई जान?

    काकर ने कहा कि टीटीपी के हमले में बीते दो वर्षों में 2,267 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से जाते समय अमेरिकी सैनिकों द्वारा छोड़े गए हथियार कालाबाजारी के जरिये तालिबान आतंकियों के हाथ में आ गए हैं। पीएम काकर ने इसके साथ ही अफगानिस्तान के अवैध शरणार्थियों को देश से बाहर करने के संकल्प को तालिबान के असहयोग का जवाब बताया है।

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    आईएस ने ली काबुल में विस्फोट की जिम्मेदारी

    अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मिनीबस में मंगलवार को हुए विस्फोट की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हुए थे। सुन्नी आतंकी समूह ने कहा कि यह बस शिया मुस्लिमों को ले जा रही थी, जिसमें हमने विस्फोट कर दिया।

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