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महामारी की अफवाहों पर लगा ब्रेक: रूस ने दुनिया को किया आश्वस्त, कहा- प्लेग संस्थान कर्मचारी की मौत से कोई खतरा नहीं

Published: Thu, 08 Oct 2026 02:00 AM (IST)

रूस के स्वास्थ्य नियामक ने बुधवार को कहा कि साइबेरिया में एक प्लेग संस्थान की महिला कर्मचारी की मौत के ...और पढ़ें

प्लेग संस्थान की कर्मचारी की मौत से महामारी का खतरा नहीं : रूस (सांकेतिक तस्वीर)

प्लेग संस्थान की कर्मचारी की मौत से महामारी का खतरा नहीं : रूस (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. डब्ल्यूएचओ ने मौत की वजहों के बारे में मांगी और जानकारी

  2. ट्रंप बोले, नहीं लगता किसी जैविक हथियार से हुई यह मौत

रॉयटर, मॉस्को। रूस के स्वास्थ्य नियामक ने बुधवार को कहा कि साइबेरिया में एक प्लेग संस्थान की महिला कर्मचारी की मौत के बाद महामारी के फैलने का कोई खतरा नहीं है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रूस से उसकी मौत की वजहों के बारे में और अधिक जानकारी मांगी है।

रूसी अधिकारियों के अनुसार, 28 वर्षीय प्रयोगशाला कर्मचारी दार्या शिपिलोवा की पिछले शुक्रवार को अज्ञात वजह से हुए निमोनिया से मौत हो गई थी। प्रारंभ में लगभग 200 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया था।

रूस के स्वास्थ्य निगरानी संगठन 'रोसपोट्रेबनाडजोर' ने बुधवार को बताया कि उसने एहतियाती उपायों को समाप्त कर दिया है और उसने नवीनतम जानकारी डब्ल्यूएचओ के साथ साझा की है।

शिपिलोवा के संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में प्लेग का पता नहीं चला है और 90 प्रतिशत लोगों को क्वारंटाइन से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि संगठन ने यह नहीं बताया कि शिपिलोवा की मौत का कारण क्या था या वह कैसे बीमार हुई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बुधवार को जब पूछा गया कि क्या यह मौत किसी जैविक हथियार के कारण हुई, तो उन्होंने कहा, "हम जल्द ही पता लगा लेंगे, लेकिन हम ऐसा नहीं सोचते। रूस इस स्थिति के बारे में ज्यादा नहीं बता रहा है, लेकिन उनका कहना है कि उन्होंने इसे अच्छे से नियंत्रित कर लिया है। हम अपेक्षा करते हैं कि वे अधिक जानकारी साझा करेंगे।"

डब्ल्यूएचओ ने प्रारंभ में कहा था कि उसने रूस के मामले को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कम जोखिम वाला माना है, लेकिन बुधवार को उसने कहा कि रूसी अधिकारियों से अपर्याप्त जानकारी मिलने के कारण वह पूर्ण जोखिम का आकलन नहीं कर पाया है।

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि यह समझने के लिए रूस से अधिक जानकारी की आवश्यकता है कि संस्थान की कर्मचारी की मौत कैसे हुई थी। जबकि क्रेमलिन का कहना है कि रूस ने स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार डब्ल्यूएचओ को सही जानकारी दे दी है।