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तीसरे विश्व युद्ध की आहट... रूस की नाटो देशों को परमाणु हमले की चेतावनी, भेजा संदेश

Published: Thu, 01 Oct 2026 02:00 AM (IST)

रूस ने अपने संदेश में कहा है कि नाटो देश खतरनाक काम कर रहे हैं। इसके कारण सीधा युद्ध छिड़ ...और पढ़ें

रूस की नाटो देशों को परमाणु हमले की चेतावनी, भेजा संदेश (फोटो- रॉयटर)

रूस की नाटो देशों को परमाणु हमले की चेतावनी, भेजा संदेश (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. कालिनिनग्राद को रूस से काटने की कोशिश पर भेजा संदेश

  2. भूभाग से 300 किमी दूर समुद्र के बीच बसा है रूसी भाग

रॉयटर, मॉस्को। बाल्टिक सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने नाटो देशों को परमाणु हमले की चेतावनी दी है। रूस ने क्षेत्रीय देशों को इस आशय का लिखित संदेश कालिनिनग्राद से उसका समुद्री संपर्क काटने की कोशिश के विरोध में भेजा है।

बाल्टिक सागर क्षेत्र का यह रूसी हिस्सा रूस से जमीनी तौर पर नहीं जुड़ा है, यह रूसी भूभाग से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर पोलैंड और लिथुआनिया के मध्य स्थित है।

रूस ने अपने संदेश में कहा है कि नाटो देश खतरनाक काम कर रहे हैं। इसके कारण सीधा युद्ध छिड़ सकता है। रूस उन केंद्रों पर सीधे हमले कर सकता है जो कालिनिनग्राद को अस्थिर करने की कोशिश वाले निर्णय ले रहे हैं।

अगर कालिनिग्राद को अलग करने की कोशिश हुई तो अपना क्षेत्र बचाने के लिए रूस परमाणु हथियार सहित अपने सभी हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। वैसे नाटो देशों से घिरे रूस के इस हिस्से में भारी सैन्य तैनाती भी है।

अमेरिका की अगुआई वाले सैन्य संगठन नाटो के महासचिव मार्क रूट ने कहा है कि रूस को उसके संदेश का जवाब दिया जाएगा।

कहा कि हम रक्षात्मक गठबंधन हैं लेकिन परमाणु हमले की धमकी से निपटने में सक्षम हैं। यह धमकी उचित नहीं है। किसी भी समस्या से निपटने में सहायक नहीं है।

उल्लेखनीय है कि रूस ने यह चेतावनी कालिनिनग्राद से आने-जाने वाले जहाजों का समुद्र में रास्ता रोकने की कोशिशों के बाद दी है। यूक्रेन युद्ध के साढ़े चार वर्षों में कालिनिनग्राद को अलग-थलग करने की कई बार कोशिश होने का आरोप रूस पहले भी लगा चुका है।

रूसी हमले में सात यूक्रेनी मारे गए

यूक्रेन पर बुधवार को रूस के हमले में सात लोग मारे गए और 24 लोग घायल हुए हैं। मिसाइलों और ड्रोन के हमले में ठंडक के मौसम से पहले पावर ग्रिड को भी निशाना बनाया गया है, इससे फिलहाल तो बड़े इलाके की विद्युत आपूर्ति भंग हो गई है लेकिन ठंड के मौसम में जमाव बिंदु के करीब पहुंचने वाले यूक्रेनी शहरों में स्थिति बिगड़ने का अंदेशा है।

रूस पिछले कई हफ्तों से यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों पर भी हमले कर रहा है। मारे गए लोगों में से तीन राजधानी कीव में मारे गए हैं जबकि चार लोग घायल हुए हैं।