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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूरोप में पारंपरिक सशस्त्र बलों की संधि से अलग हुआ रूस, अमेरिका और पश्चिमी देशों को ठहराया जिम्मेदार

    By AgencyEdited By: Mohd Faisal
    Updated: Wed, 08 Nov 2023 04:54 AM (IST)

    रूस आखिरकार मंगलवार को यूरोप में पारंपरिक सशस्त्र बलों की संधि से औपचारिक रूप से हट गया। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसा करने के इरादे की घोषणा के आ ...और पढ़ें

    यूरोप में पारंपरिक सशस्त्र बलों की संधि से अलग हुआ रूस, अमेरिका और पश्चिमी देशों को ठहराया जिम्मेदार (फाइल फोटो)
    यूरोप में पारंपरिक सशस्त्र बलों की संधि से अलग हुआ रूस, अमेरिका और पश्चिमी देशों को ठहराया जिम्मेदार (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. शीत युद्धकालीन सुरक्षा संधि से रूस बाहर।
    2. शीत युद्ध के प्रतिद्वंद्वियों को सीमाओं पर सेना एकत्र करने से रोकना था उद्देश्य।

    एपी, मॉस्को। रूस आखिरकार मंगलवार को यूरोप में पारंपरिक सशस्त्र बलों की संधि से औपचारिक रूप से हट गया। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसा करने के इरादे की घोषणा के आठ साल से अधिक समय बाद हम शीत युद्ध के समय के समझौते से अलग हो गए।

    रूस ने संधि से हटने के लिए अमेरिका व पश्चिमी देशों को जिम्मेदार बताया। संधि का उद्देश्य शीत युद्ध के प्रतिद्वंद्वियों को आपसी सीमाओं पर या उसके निकट सेना एकत्र करने से रोकना था। इस पर नवंबर 1990 में हस्ताक्षर किए गए थे। लेकिन दो साल बाद तक इसे अनुमोदित नहीं किया गया था।

    बिल को संसद के दोनों सदनों द्वारा मंजूरी दी गई

    यह रूस और अमेरिका से जुड़ी शीत युद्ध-युग की कई प्रमुख संधियों में से एक थी जो हाल के वर्षों में लागू नहीं हुई। रूस के संधि से अलग होने की घोषणा से पहले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा ट्रीटी ऑफ कन्वेशनल आ‌र्म्ड फोर्सेस (सीएफई) बिल को संसद के दोनों सदनों द्वारा मंजूरी दी गई। इसके बाद सात नवंबर की आधी रात इससे अलग होने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

    संधि से अलग होने की प्रक्रिया पूरी हुई- रूसी विदेश मंत्रालय

    रूस ने इससे पहले 2007 में सीएफई में भागीदारी से निलंबन और 2015 में इससे पूरी तरह से हटने की इरादे की घोषणा की थी। इस बीच, फरवरी, 2022 में उसने हजारों रूसी सैनिकों को यूक्रेन में भेज दिया, जिसकी सीमाएं नाटो सदस्यों पोलैंड, स्लोवाकिया, रोमानिया व हंगरी से भी लगी हैं। मंगलवार को रूसी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि संधि से अलग होने की प्रक्रिया पूरी हो गई। उसने इस संधि से हटने के लिए अमेरिका व उसके सहयोगियों पर आरोप लगाने के साथ इस विनाशकारी स्थिति के लिए पश्चिम को जिम्मेदार ठहराया।

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    यूक्रेन युद्ध खत्म करने के ट्रंप के दावे पर जेलेंस्की ने उठाए सवाल

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूक्रेन युद्ध को लेकर किए दावे पर सवाल उठाया है। ट्रंप ने कहा था कि अगर वह 2024 में दोबारा राष्ट्रपति निर्वाचित हुए तो यूक्रेन युद्ध को 24 घंटे के अंदर समाप्त करा देंगे। आइएनएस के अनुसार, जेलेंस्की ने एनबीसी को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि मैं ट्रंप को आमंत्रित करता हूं कि वह यूक्रेन आएं और मुझे रूस द्वारा किए गए विध्वंस की जानकारी उन्हें देने में केवल 24 मिनट लगेंगे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन की प्रशंसा की।

    यूक्रेनी गोलाबारी में छह की मौत, 11 घायल

    रायटर के अनुसार यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र में रूस द्वारा तैनात एक अधिकारी ने टेलीग्राम पर अपनी एक पोस्ट में बताया कि मंगलवार को यूक्रेनी सेना की गोलाबारी में छह लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।