यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केवल रूस को क्रीमिया से जोड़ने तक के लिए अहम नहीं है Kerch Bridge, मास्को के लिए है एक सप्लाई लाइन
Kerch Bridge Blast रूस और क्रीमिया को जोड़ने वाले जिस पुल पर जबरदस्त धमाका हुआ है वो दरअसल मास्को के लिए एक सप्लाई लाइन भी है। यहां से सैनिकों की ज ...और पढ़ें

नइ दिल्ली (आनलाइन डेस्क)। रूस और क्रीमिया को जोड़ने वाला Kerch Bridge पर हुए धमाके से मास्को को झटका तो जरूर लगा है। ये पुल केवल इसलिए ही अहम नहीं है कि ये रूस और क्रीमिया को जोड़ता था बल्कि ये रूस की सेना के लिए एक सप्लाई लाइन भी था। रूस इसके लिए जहां यूक्रेन को जिम्मेदार ठहरारहा है वहीं यूक्रेन ने इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। रूस के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन की तरफ इशारा करते हुए इसको एक आतंकी कार्रवाई बताया है।
यूरोप का सबसे लंबा ब्रिज
Kerch Bridge क्रीमिया प्रायद्वीप को रूस के Krasnodar Krai से जोड़ता है। 19 किमी लंबे इस पुल को बनाने में करीब 3.6 अरब डालर की लागत आई थी। क्रीमिया और रूस को जोड़ने वाला ये ब्रिज यूरोप का सबसे लंबा पुल है। ये पुल न सिर्फ दोनों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है बल्कि इसका डिजाइन भी काफी खास है। इसके रास्ते रूस सीधेतौर पर काला सागर से जुड़ जाता है। हालांकि यूक्रेन हमेशा से ही रूस पर Kerch Strait बड़े जहाजों के गुजरने को लेकर हमलावर रहा है।
रूस की सप्लाई लाइन है ये पुल
ये पुल रूस की सेना के क्रीमिया में आवाजाही के लिए भी बेहद खास रहा है। क्रीमिया में मौजूद रूस की सेना की ये सप्लाई लाइन रही है। बात चाहे जेपोरिझिझिया की हो या फिर Kherson की रूस इसी रास्ते से अपनी सेना और उनके साजो-सामान की आपूर्ति करता आया है। यूक्रेन पर हमले के कुछ समय बाद ही रूस ने इन इलाकों में कब्जा कर लिया था।
रणनीतिक दृष्टि से अहम पुल
रूस की मंशा क्रीमिया को लुहांस्क और दोनात्सक से जोड़ने की थी। इन इलाकों में वर्ष 2014 से ही यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। जहां तक इस पुल पर हुए धमाके की बात है जो जानकारों का कहना है कि ये यूक्रेन के हमले का परिणाम हो सकता है। जानकारों का कहना है कि रूस के लिए जहां इस पुल के रणनीतिक मायने थे वहीं यूक्रेन के लिए ये क्रीमिया को छीने जाने की याद दिलाता था। ये पुल गाडि़यों के अलावा ट्रेनों की आवाजाही का भी बड़ा जरिया है। इसलिए यूक्रेन की इस पर काफी समय से निगाह थी। हालांकि यूक्रेन न इस पुल पर हमले के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। रूस का कहना है कि इस धमाके में तीन लोगों की मौत हुई है। धमाके के बाद पुल का एक हिस्सा ढह गया है।
खबरें और भी
रूस की सप्लाई लाइन कटी
लंदन के किंग्स कालेज माइक मार्टिन का कहना है कि इस पुल को नुकसान पहुंचाकर यूक्रेन रूस की सेना और उसकी सप्लाई लाइन को काटने में काफी सफल हो सकता है। उनका ये भी कहना है कि यूक्रेन बीते कुछ माह से अपनी खोए हुए हर इलाके को वापस पाने की बात भी कर चुका है और इसका जत्न भी कर रहा है। क्रीमिया भी इसमें से एक है, जिसको रूस ने वर्ष 2014 में अपने साथ मिला लिया था। इस पुल पर धमाका राष्ट्रपति पुतिन के जन्मदिन के एक दिन बाद हुआ है।
.jpg)
