यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'क्या AI फॉर बैड जैसी चीजें भी...', Rajeev Chandrasekhar बोले- टेक्नोलॉजी में बदलाव के लिए सभी देशों के सहयोग की जरूरत
Rajeev Chandrasekhar London Visit एआई सेफ्टी समिट के पहले दिन के सत्र को संबोधित करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि हम एक ऐस ...और पढ़ें

HighLights
- 'एआई सेफ्टी समिट' में राजीव चंद्रशेखर ने हिस्सा लिया
- भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे लिए कई अवसर खोलने वाला है: केंद्रीय मंत्री
- आज के समय इंटरनेट पर काफी ऐसी चीजें हैं जो बुराइयां फैला रही: राजीव चंद्रशेखर
जागरण न्यूज डेस्क,लंदन। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) दो दिवसीय 'एआई सेफ्टी समिट' (AI Safety Summit) में हिस्सा लेने ब्रिटेन पहुंचे हैं। इस समिट में ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, इंडोनेशिया, केन्या, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया सहित कई देशों के मंत्री शामिल हुए।
टेक्नोलॉजी में बदलाव के लिए सभी देशों की भागीदारी जरूरी: केंद्रीय मंत्री
समिट के पहले दिन के सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,"हम एक ऐसे दौर में हैं जहां टेक्नॉलॉजी आज तक के मानव इतिहास में सबसे एडवांस लेवल पर है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह कहा कि एक टेक्नोलॉजी के जरिए आम नागरिकों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए किसी एक या दो देशों की नहीं, बल्कि सभी देशों की भागीदारी जरूरी है।
अगर हम अपने देश भारत की बात करें तो पिछले आठ सालों में हमारा देश (भारत) डिजिटल इकोनॉमी की ओर जबरदस्त तरीके से आगे बढ़ा है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2014 में कुल सकल घरेलू उत्पाद में 4-4.5 प्रतिशत योगदान से बढ़कर वर्तमान में कुल सकल घरेलू उत्पाद में 11 प्रतिशत हो गई है।
भारत के डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री
डिजिटल अर्थव्यवस्था 2014 में कुल जीडीपी के 4-4.5 प्रतिशत से बढ़कर आज कुल जीडीपी का 11 प्रतिशत हो गई है।'' हमें उम्मीद है कि 2026 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था हमारे सकल घरेलू उत्पाद में 20 प्रतिशत से अधिक का योगदान देगी।"
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नागरिकों की जिंदगी को बेहतर और समृद्ध बनाएगा एआई: राजीव चंद्रशेखर
हमें उम्मीद है कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे लिए कई अवसर खोलने वाला है। हमें उम्मीद है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी जिंदगी को बेहतर बनाए। मैंने कई बार 'एआई फॉर गुड' जैसे शब्द सुनते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि आखिर इसका क्या मतलब है। क्या 'एआई फॉर बैड' जैसी चीजें भी है? मुझे उम्मीद है कि एआई हमारे देशों के नागरिकों की जिंदगी को बेहतर और समृद्ध बनाने में हमारी मदद कर सकता है।
एक सरकार के तौर पर पिछले 10-15 सालों में हमने सीखा है कि आज के समय इंटरनेट पर काफी ऐसी चीजें हैं जो बुराइयां फैला रही है। हम सभी को इस बात पर सहमत होना चाहिए कि भविष्य में एआई इन बुराइयों को नहीं बढ़ाएगा और इंटरनेट के जरिए दुनिया और भी बेहतर बनेगी।