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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Britain: कब होगा भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता? ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दिए संकेत

    Updated: Sun, 31 Dec 2023 07:53 PM (IST)

    ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ( Rishi Sunak) ईस्टर तक भारत के साथ FTA कर लेना चाहते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता वार्ता पिछले साल जनवरी में ...और पढ़ें

    कब होगा भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (Image: ANI)
    कब होगा भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (Image: ANI)

    HighLights

    1. भारत में पहले दौर की वोटिंग शुरू होने से पहले होगा समझौता
    2. ऋषि सुनक और पीएम मोदी दोनों उत्सुक
    3. उद्देश्य 36 अरब डालर के द्विपक्षीय व्यापार साझेदारी को बढ़ाना

    पीटीआई, लंदन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अगले साल मार्च के अंत में पड़ने वाले ईसाइयों के बड़े त्योहार ईस्टर तक भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) करने के इच्छुक हैं।

    दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता वार्ता पिछले साल जनवरी में शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य 36 अरब डालर के द्विपक्षीय व्यापार साझेदारी को बढ़ाना था। 15 दिसंबर को तेरहवें दौर की बातचीत खत्म होने के बाद नए साल की शुरुआत में बातचीत का एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।

    भारत में पहले दौर की वोटिंग शुरू होने से पहले होगा समझौता

    अखबार ने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अप्रैल तक इस सौदे को पूरा करने के इच्छुक हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में पहले दौर की वोटिंग शुरू होने से पहले समझौते पर मुहर लगाई जा सकती है। अखबार ने ब्रिटेन की ओर से व्यापार वार्ता से जुड़े एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि इस मुद्दे पर काफी प्रगति हुई है, लेकिन कुछ सबसे विवादित मुद्दों पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।

    ऋषि सुनक और मोदी दोनों उत्सुक

    सूत्रों के मुताबिक, ऋषि सुनक और मोदी दोनों उत्सुक हैं, इसलिए यह सिर्फ समय की बात है कि हम इस पर कितनी जल्दी मुहर लगा सकते हैं। ब्रिटेन को उम्मीद है कि एफटीए से भारत के लिए स्काच व्हिस्की और इलेक्टि्रक कारों के व्यापार के साथ-साथ सेवाओं और निवेश के अवसर भी खुलेंगे।

    वहीं, भारत अपनी मैन्यूफैक्च¨रग वस्तुओं और सेवाओं तक बेहतर पहुंच के साथ-साथ पेशेवर वीजा पर समझौते की मांग करेगा। एक खास बात यह है कि भारत और ब्रिटेन दोनों की देशों में 2024 में आम चुनाव हैं।

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