महारानी एलिजाबेथ के पोते जेम्स छोड़ेंगे शाही टाइटल, क्या है इसके पीछे की वजह?
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के सबसे छोटे पोते, जेम्स (अर्ल ऑफ वेसेक्स), बड़े होने पर अपने शाही टाइटल का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

महारानी एलिजाबेथ के पोते छोड़ रहे शाही टाइटल
HighLights
जेम्स, अर्ल ऑफ वेसेक्स, अपना शाही टाइटल छोड़ने वाले हैं।
वह रॉयल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई शुरू करेंगे।
जेम्स ने अपनी बड़ी बहन लेडी लुईस की तरह फैसला लिया।
डिजिटल डेस्क, लंदन। महारानी एलिजाबेथ के एक और पोते अपने शाही टाइटल को छोड़ने वाले हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि शाही परिवार ने उनके भविष्य के प्लान के बारे में कई जरूरी बातें सामने रखी हैं।
बकिंघम पैलेस ने साफ कर दिया है कि दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के सबसे छोटे पोते, जेम्स (अर्ल ऑफ वेसेक्स), बड़े होने पर अपने शाही टाइटल का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
शाही टाइटल छोड़ देंगे जेम्स
प्रिंस एडवर्ड और सोफी के 18 साल के बेटे जेम्स ने अपने करियर की ओर अगला कदम बढ़ाने के लिए A-लेवल परीक्षा में जरूरी ग्रेड हासिल कर लिए हैं, लेकिन वे एक कामकाजी सीनियर रॉयल के तौर पर ऐसा नहीं करेंगे।
बकिंघम पैलेस ने गुरुवार, 13 अगस्त को घोषणा की कि जेम्स इस पतझड़ (ऑटम) से सायरनसेस्टर, ग्लूसेस्टरशायर में रॉयल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू करेंगे।
पैलेस के एक प्रवक्ता ने कहा, 'अर्ल ऑफ वेसेक्स 'रूरल लैंड एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट' की पढ़ाई के लिए रॉयल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी जाएंगे। वह बिना कोई साल का गैप लिए सीधे वहां जाएंगे।'
जेम्स ने बड़ी बहन की तरह छोड़ा शाही टाइटल
दिवंगत महारानी के पोते होने के नाते, सार्वजनिक रूप से शाही टाइटल या HRH (हिज/हर रॉयल हाइनेस) का इस्तेमाल होना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। लेकिन PEOPLE की रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी बड़ी बहन, 22 साल की लेडी लुईस की तरह, जेम्स ने भी एक अलग रास्ता चुना है।
जेम्स और लुईस को उनके माता-पिता ने यह फैसला करने का विकल्प दिया था कि 18 साल के होने पर वे अपने शाही टाइटल का इस्तेमाल करना चाहते हैं या नहीं। हालांकि, ऐसा लगता है कि उनमें से कोई भी ऐसा करने की योजना नहीं बना रहा है।
अपनी मर्जी से छोड़ सकते हैं टाइटल
रिपोर्ट के मुताबिक, जब प्रिंस एडवर्ड और सोफी की बेटी लुईस ने पिछले महीने सेंट एंड्र्यूज यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया, तो उन्हें शाही टाइटल के बजाय 'लुईस माउंटबेटन-विंडसर' के तौर पर कहा गया।
2020 में 'द संडे टाइम्स' से बात करते हुए सोफी ने कहा था, 'हम उन्हें इस समझ के साथ बड़ा करने की कोशिश करते हैं कि उन्हें अपनी जिंदगी गुजारने के लिए काम करना पड़ सकता है। इसलिए, हमने HRH टाइटल का इस्तेमाल न करने का फैसला किया।
सोफी ने आगे बताया था, 'उनके पास ये टाइटल हैं और वे 18 साल की उम्र से इनका इस्तेमाल करने का फैसला कर सकते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा करेंगे।'
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