यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सिर्फ सात साल में सांसद से प्रधानमंत्री बने ऋषि सुनक, कोरोना संकट के दौरान मजबूत नेता के तौर पर उभरे थे
UK New PM कोरोना संकट के दौरान मिनी बजट पेश कर उन्होंने जिस तरह इकोनामी को संभाला उससे वे एक मजबूत नेता के तौर पर उभरे। उसी समय उनको ब्रिटेन के भावी प ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के पास संसदीय राजनीति में सिर्फ सात साल का अनुभव है। वे पहली बार 2015 में यार्कशायर के रिचमंड से सांसद चुने गए थे। इसके बाद वे लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए। टेरीजा मे सरकार में उनको स्थानीय सरकार का मंत्री बनाया गया था। बोरिस जानसन सरकार में उनको देश का वित्त मंत्री बनाया गया। सुनक इस साल जुलाई तक जानसन सरकार में वित्त मंत्री के पद पर रहे। कोरोना संकट के दौरान मिनी बजट पेश कर उन्होंने जिस तरह इकोनमी को संभाला, उससे वे एक मजबूत नेता के तौर पर उभरे।
उसी समय उनको ब्रिटेन के भावी प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जाने लगा। दरअसल, कंजरवेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेता बड़े पैमाने पर उधार लेकर आर्थिक मंदी टालने के पक्ष में थे। लेकिन, वित्त मंत्री के तौर पर सुनक ने इसे नामंजूर कर दिया। लोगों की नौकरियां बचाने और व्यवसायों तथा मजदूरों की मदद करने के लिए उनकी तारीफ की गई। इस बात ने उन्हें सबसे लोकप्रिय राजनेताओं में से एक बना दिया।
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प्रधानमंत्री आवास में मनाई थी दिवाली
बोरिस जानसन जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे, उस समय उन्होंने दिवाली आयोजन पर सुनक को प्रधानमंत्री आवास-10 डाउनिंग स्ट्रीट आमंत्रित किया था। उस समय सुनक ने पीएम आवास में दिए जलाए थे। सुनक शराब से पूरी तरह दूरी बनाए रखते हैं और अक्सर अपनी विरासत का जिक्र करते हैं। वे यह भी बताते हैं कि किस तरह उनके परिवार ने उनको मूल्यों और संस्कृति के बारे में बताया।
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गीता पर हाथ रखकर शपथ, मंदिर से लगाव
सुनक जब सांसद बने, तो उन्होंने भगवद्गीता पर हाथ रखकर शपथ लिया था। साउथैम्प्टन के हिंदू वैदिक सोसाइटी मंदिर से उनको बहुत लगाव है। वे अक्सर इस मंदिर में जाते रहते हैं और सेवा कार्यों में भाग लेते हैं। लिज ट्रस के साथ जब वे नेता पद की दौड़ में थे, उस समय भी उनको अक्सर मंदिर जाते देखा गया।
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केन्या से ब्रिटेन पहुंचे थे सुनक के पिता
ऋषि सुनक के पिता यशवीर पेशे से डाक्टर थे। पिछली शताब्दी के सातवें दशक में वे केन्या से ब्रिटेन पहुंचे थे। ऋषि के दादाजी ब्रिटिश भारत के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान समय के पंजाब प्रांत (पाकिस्तान) स्थित गुजरांवाला शहर में रहता था। सुनक के नाना पंजाब से ब्रिटेन पहुंचे थे। सुनक की मां ऊषा सुनक एक केमिस्ट की दुकान चलाती थीं। बचपन में ऋषि दुकान में मां की सहायता करते थे।