लग्जरी फ्लैट, सोने के दांत, विदेश यात्रा... UK के चोर ने 2.56 करोड़ की साइबर ठगी कर उड़ाए पैसे; एक गलती से पकड़ा गया
ब्रिटेन में एक 25 वर्षीय युवक को सिम-स्वैपिंग के जरिए 2.56 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चुराने के आरोप में ढाई ...और पढ़ें

UK के अजय शिंजिन ने साइबर ठगी कर उड़ाए 2.56 करोड़(फोटो: X/@CityPolice)

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डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन में 25 साल के एक युवक को सिम-स्वैपिंग के जरिए की गई साइबर धोखाधड़ी के मामले में ढाई साल की जेल की सजा सुनाई गई है। इस ठगी के माध्यम से चार पीड़ितों के खातों से लगभग 2.56 करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी चुरा ली गई थी।
दोषी की पहचान अजय शिंजिन उर्फ एजे मार्ले क्रूज के रूप में हुई है। सिटी ऑफ लंदन पुलिस के अनुसार, शिंजिन को इस चुराई गई रकम में से 44000 पाउंड से अधिक का हिस्सा मिला था। इस पैसे का इस्तेमाल उसने दुबई में आलीशान छुट्टियां बिताने, लंदन के पॉश इलाके कैनरी व्हार्फ में एक महंगे अपार्टमेंट का किराया भरने और सोने के पानी चढ़े दांतों के ग्रिल्स बनवाने में किया।
शिंजिन ने 28 सितंबर को धोखाधड़ी की साजिश रचने और गैरकानूनी संपत्ति ट्रांसफर करने का गुनाह कबूल किया, जिसके बाद 8 अक्टूबर को इनर लंदन क्राउन कोर्ट ने उसे सजा सुनाई।
कैसे की गई सिम-स्वैपिंग ठगी?
यह मामला नवंबर 2021 के पहले हफ्ते का है, जब ब्रिटेन की बड़ी टेलीकॉम कंपनी बीटी ने अपने सिस्टम में अनधिकृत गतिविधि पकड़ी। जांच के दौरान पता चला कि कई ग्राहकों के मोबाइल नंबर धोखे से ऐसे सिम कार्ड्स पर ट्रांसफर कर दिए गए थे, जिन पर जालसाजों का नियंत्रण था।
सिम-स्वैपिंग एक ऐसा साइबर अपराध है, जिसमें ठग टेलीकॉम कंपनी को झांसा देकर असली ग्राहक के नंबर का डुप्लीकेट सिम चालू करवा लेते हैं। जैसे ही नंबर नए सिम पर चालू होता है, पीड़ित के फोन पर नेटवर्क बंद हो जाता है और उसके नंबर पर आने वाले सभी मैसेज व ओटीपी सीधे अपराधियों तक पहुंचने लगते हैं।
इन वन-टाइम पासवर्ड्स की मदद से ठगों ने पीड़ितों के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में सेंध लगा दी। टेलीकॉम कंपनी की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान की, जिनमें शिंजिन भी शामिल था। जांच में सामने आया कि शिंजिन चार ऐसे डिवाइस से जुड़ा हुआ था जिनका इस्तेमाल सिम-स्वैपिंग के लिए किया गया था।
चार पीड़ितों को बनाया निशाना
2 नवंबर से 7 नवंबर 2021 के बीच केवल पांच दिनों के भीतर चार लोगों के क्रिप्टो खातों से भारी रकम साफ की गई। इनमें से एक पीड़ित ने करीब 40000 पाउंड गंवाए, जिसमें से लगभग 27000 पाउंड सीधे शिंजिन के निजी क्रिप्टो खाते में पहुंचे। दूसरे पीड़ित के 17000 पाउंड गायब हुए, जो बाद में आरोपी के वॉलेट में मिले।
इसी तरह, तीसरे पीड़ित के कॉइनबेस खाते से करीब 8,000 पाउंड चुराने में शिंजिन ने मदद की थी। सबसे बड़ा झटका चौथे पीड़ित को लगा, जिसके खाते से 6 और 7 नवंबर के दौरान करीब 130000 पाउंड की क्रिप्टोकरेंसी उड़ाई गई। इस चोरी के तार भी सीधे तौर पर शिंजिन से जुड़े पाए गए।
दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी
शिंजिन को सबसे पहले साल 2021 में उसके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जांच आगे बढ़ती रही और जब पुलिस को इस गिरोह के खिलाफ और पुख्ता तकनीकी सबूत मिले, तो अक्टूबर 2023 में उसे दुबई से लौटते ही हीथ्रो एयरपोर्ट पर दोबारा हिरासत में ले लिया गया। सबूतों के सामने आने के बाद उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
सिटी ऑफ लंदन पुलिस के डिटेक्टिव कॉन्स्टेबल साइमन आर्डेमैन ने कहा कि यह एक बेहद जटिल धोखाधड़ी थी जिसने कई पीड़ितों को गहरा वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
शिंजिन ने जानबूझकर सिम-स्वैप तकनीक की कमियों का फायदा उठाकर पीड़ितों के क्रिप्टो खातों में सेंध लगाई और करीब दो लाख पाउंड चुराए। उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला साफ संदेश देता है कि अपराध करने के लिए तकनीक का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
