यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छात्रों के लिए खुशखबरी, आसान हुई जामिया स्कूल से विश्वविद्यालय की राह
जामिया मिलिया इस्लामिया से स्नातक व डिप्लोमा पाठ्यक्रम करने के इच्छुक उन विद्यार्थियो के लिए अच्छी खबर है, जिन्होने जामिया स्कूल मे अध्ययन किया हो। दरअसल, इन विद्यार्थियो के लिए उपलब्ध पांच फीसद कोटे की सीटो को भरने के लिए विश्वविद्यालय ने दाखिला नियमो मे बदलाव किया है। बदलाव के

नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया से स्नातक व डिप्लोमा पाठ्यक्रम करने के इच्छुक उन विद्यार्थियो के लिए अच्छी खबर है, जिन्होने जामिया स्कूल मे अध्ययन किया हो। दरअसल, इन विद्यार्थियो के लिए उपलब्ध पांच फीसद कोटे की सीटो को भरने के लिए विश्वविद्यालय ने दाखिला नियमो मे बदलाव किया है। बदलाव के बाद जामिया स्कूल से दसवी व बारहवी करने वाले विद्यार्थी के लिए जामिया विश्वविद्यालय के दरवाजे खुल गए है।
देर रात छात्राओं के आने-जाने पर जामिया प्रशासन सख्त
विवि मे दाखिले के लिए पांच साल जामिया स्कूल मे अध्ययन की अनिवार्यता खत्म
बता दें कि पूर्व मे लागू नियम के अंतर्गत उन विद्यार्थियो को ही विश्वविद्यालय मे अध्ययन के लिए आंतरिक कोटे का लाभ मिलता था, जो कम से कम पांच साल तक स्कूल मे अध्ययनरत रहे हो। विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे विद्यार्थियो के लिए पांच फीसद का आंतरिक कोटा निर्धारित था, लेकिन सूत्र बताते है कि पांच साल की अनिवार्यता के चलते ज्यादा विद्यार्थियो को इस राहत का लाभ नही मिल रहा था।
विद्यार्थियो को इस कोटे का लाभ प्रदान करने के लिए नियमो मे बदलाव किया गया है और अब जो भी जामिया स्कूल का विद्यार्थी दाखिले के लिए अनिवार्य योग्यता (दसवी-बारहवी पास) को पूरा करता होगा उसे विश्वविद्यालय दाखिला मिला जाएगा।
जामिया में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
इसी कड़ी मे विश्वविद्यालय ने कश्मीर विस्थापित छात्रो के लिए भी स्पष्ट किया है कि उनके लिए अब डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा कराने की जरूरत नही है। इसके लिए उनके द्वारा संबंधित राज्य व केद्र शासित प्रदेश के डिवीजनल कमिश्नर की ओर से जारी सर्टिफिकेट ही पर्याप्त होगा।

