विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'टॉक टू AK' कार्यक्रम से पहले भाजपा ने 'आप' को घेरा, दी ये नसीहत

By Amit MishraEdited By:
Updated: Fri, 15 Jul 2016 10:43 AM (IST)

'आप' नेता 'टॉक टू AK' कार्यक्रम को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं, लकिन भाजपा ने इस कार्यक्रम को लेकर सीएम केजरीवाल को घेरना शुरू कर दिया है।

News Article Hero Image

नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 17 जुलाई से आम जनता के सवालों के सीधे जवाब देंगे और इस कार्यक्रम का नाम 'टॉक टू AK' रखा गया है। इसके लिए एक वेबसाइट www.talktoak.com भी लॉन्च कर दी गई है और इस वेबसाइट को सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर से जोड़ा जाएगा जिससे अलग अलग प्लेटफार्म से लोग केजरीवाल से सीधे सवाल कर सकें।

भले ही आप नेता 'टॉक टू AK' कार्यक्रम को लेकर उत्साहित दिख रहे हों, लकिन भाजपा ने इस कार्यक्रम को लेकर सीएम केजरीवाल को घेरना शुरू कर दिया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा ने मांग की है कि दिल्ली सरकार के पैसे से 17 जुलाई (रविवार) को आयोजित 'टॉक टू AK' कार्यक्रम में केवल दिल्ली से जुड़े विषयों पर बात की जाए।

मोहनिया की गिरफ्तारी पर भड़की 'आप', कहा- आपातकाल जैसे हालात

भाजपा का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस कार्यक्रम के माध्यम से पंजाब सहित अन्य राज्यों के विषयों पर भी लोगों के प्रश्नों के जवाब देतेे हैं तो इस कार्यक्रम का सारा प्रचार एवं आयोजन का खर्च आम आदमी पार्टी वहन करे।

'टॉक टू AK' का क्या है मकसद

असल में अपने 17 महीने के दिल्ली सरकार के कार्यकाल में आम आदमी पार्टी के 8 विधायक अलग-अलग मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं, सरकार के मंत्री के मंत्री के बाद अब केजरीवाल के प्रधान सचिव जैसे अफसर भी गिरफ्तार होने लगे हैं। आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार इसको केंद्र की मोदी सरकार की साज़िश बता रही है।

विधेयक लौटाने पर केजरीवाल ने किया तंज-' दिल्ली की हार को भुला दें PM साहब'

सवाल भी उठ रहे हैं कि आप सरकार करप्शन जैसे मामले में किसी अफसर का बचाव क्यों कर रही है जबकि यह करप्शन का मामला केजरीवाल सरकार नहीं बल्कि पिछली शीला दीक्षित सरकार का है। यही नहीं 400 करोड़ रुपये के टैंकर घोटाले में भी केजरीवाल सरकार पर 11 महीने तक फाइल दबाने के आरोप लगे और FIR दर्ज हुई।ऐसे में जनता में पार्टी और सरकार के प्रति नकारात्मक सन्देश न जाए इसलिये केजरीवाल सीधे आम लोगों से बात करने का कार्यक्रम शुरू कर रही है।

केजरीवाल से जुड़ी सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें