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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुलंदशहर गैंगरेप : राजनेताओं की आवाजाही से 'बंधक' बना पीड़ित परिवार

By JP YadavEdited By:
Updated: Thu, 04 Aug 2016 10:26 AM (IST)

हाइवे पर हैवानों का शिकार बने पीड़ित परिवार पर नई मुसीबत आ पड़ी है। रायफलधारी और बाउंसरों ने घर को इस तरह घेर लिया है कि परिवार के सदस्य अपने को बंधक महसूस करने लगे हैं।

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गाजियाबाद (अखिलेश तिवारी)। हाइवे पर हैवानों का शिकार बने पीड़ित परिवार पर नई मुसीबत आ पड़ी है। रायफलधारी और बाउंसरों ने घर को इस तरह घेर लिया है कि परिवार के सदस्य अपने को बंधक महसूस करने लगे हैं। पीड़ित परिजनों पर लखनऊ चलने का दबाव बनाने के लिए नीली बत्ती वाली गाड़ियां भी रात के अंधेरे में पहुंच रही हैं। बेजा दबाव से परेशान परिवार के सदस्य अपने ही घर में आजादी के लिए छटपटा रहे हैं।

इंसाफ का पासा अब राजनीति की चौसर पर गिर पड़ा है, लिहाजा इंसाफ के तराजू पर राजनीतिक लाभ पहली शर्त बन गया है। बुलंदशहर के नजदीक हाइवे के हैवानों की शिकार पीड़िता के घर पर बुधवार को राजनीतिक दबंगई खुले आम दिखी।

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चुनावी मैदान में दावेदारी का बिल्ला लगाए बड़े नेताओं के साथ स्थानीय नेताओं के बाउंसर और रायफलधारियों ने दिनभर घर को घेरे रखा। जो भी परिजनों से मिलने पहुंचा, उसे सफेद कुर्ताधारियों के बाउंसरों से इजाजत लेनी पड़ी। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि कई रिश्तेदारों को भी नेताओं के बाउंसरों ने मिलने नहीं दिया।

एक स्थानीय नेता ने किचन में जाकर महिलाओं से अलग बात की। उनकी बातचीत के बाद से ही महिलाएं काफी सहमी हैं। नेताओं के अलावा नीली बत्ती वाले दो अधिकारी भी रात के अंधेरे में मुंह पर कपड़ा डालकर बारी-बारी से आए और लखनऊ चलने की जिद करते रहे।

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पुलिस अधिकारियों के निराश लौटने के बाद बुधवार की सुबह से ही नेताओं के बाउंसरों ने डेरा डाल रखा है। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि जो भी आ रहा है, लखनऊ चलने की जिद कर रहा है। जबकि अभी तक इंसाफ होता कहीं से भी नहीं दिख रहा है। ऐसे में लखनऊ जाने से क्या होगा?

लखनऊ ले जाने की तैयारी में प्रशासन

एडीएम निधि केसरवानी कुछ अधिकारियों के साथ एंबुलेंस से देर रात करीब दस बजे पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। बताया जाता है कि अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों की फोटो मांगी है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पीड़ित परिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलाने की तैयारी हो रही है।