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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी के मन की बात पर बोले AK, अब मन की नहीं आत्‍मा की अावाज सुनेंं

By JP YadavEdited By:
Updated: Wed, 28 Sep 2016 09:22 PM (IST)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर काला धन-सफेद करने वाली आय घोषणा योजना को फ्लॉप बताया है।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि छोटे व्यापारियों पर आयकर छापा बंद करवाया जाए और इसके बदले केंद्र सरकार विजय माल्या जैसे लोगों को पकड़े। केजरीवाल ने मोदी से अपनी ‘आत्मा की आवाज’ सुनने का आग्रह करते हुए आरोप लगाया है कि उनके शासनकाल में देश का व्यापारी बर्बाद हो गया है।

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में काला धन-सफेद करने वाली आय घोषणा योजना को फ्लॉप बताया है। इतना ही नहीं, पत्र में केजरीवाल ने मोदी पर हमला करते हुए लिखा है- 'भ्रष्ट दोस्तों को बचाने के लिए छोटे व्यापारियों को चोर बताना बंद करिए। छोटे व्यापारी ईमानदार और देशभक्त हैं। मेरी बात मत मानिए, जब कभी अकेले हों तो आत्मा की आवाज सुनिए।'

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दुकानदारों को मत बर्बाद कीजिए

केजरीवाल ने पत्र में तल्ख अंदाज में लिखा है कि आपके शासनकाल में देश का व्यापारी बर्बाद हो गया है। छोटे व्यापारी व दुकानदारों पर आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है। सत्ता के नशे में छोटे व्यापारियों व दुकानदारों को बर्बाद मत करिए।

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केजरीवाल ने पत्र में आगे लिखा है, 'आपका राज बेरहम जागीरदारों की याद दिलाता है, जो लगान वसूलने के लिए छोटे कारोबारियों और किसानों पर अत्याचार करके अपनी तिजोरी भरते थे।'

गौरतलब है कि आप सुप्रीमो केजरीवाल ने पत्र के शुरू में लिखा है- 'आपने एक लाख छोटे व्यापारियों पर छापेमारी का आदेश दिया है। मैंने आयकर विभाग में नौकरी की है, पहले भरोसा नहीं हुआ लेकिन सच जानकर आश्चर्य हुआ।'

यूं कसा तज

चुनाव के पहले हर गरीब के खाते में 15-15 लाख रुपये मिलने की संभावना विदेश में जमा काले धन से जताई थी। सत्ता में आए तो कुछ नहीं किया। जिनका काला धन विदेश में है वो आपके शपथ ग्रहण में शामिल हुए थे और विदेश यात्रा में साथ दिखे। कुछ के पारिवारिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

पत्र में आगे लिखा है कि केंद्र सरकार ने काला धन रखने वालों पर कार्रवाई के बजाय उसे सफेद करने की सुविधा दी। एक लाख करोड़ की काली कमाई सफेद होने की उम्मीद थी, योजना खत्म होने में कुछ दिन है, सिर्फ 4000 करोड़ का खुलासा हुआ है।