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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

GB रोड सेक्स रैकेट: गरीब बेटियों का जिस्म बेच अपनी बेटी के नाम पर खोला स्कूल

By Amit MishraEdited By:
Published: Tue, 30 Aug 2016 03:33 PM (IST)Updated: Wed, 31 Aug 2016 07:44 AM (IST)

जीबी रोड पर देह व्यापार और मानव तस्करी के मामलों में मकोका के तहत गिरफ्तार आफाक हुसैन और उसकी पत्नी ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जेएनएन]। जीबी रोड पर छह कोठों के मालिक दंपति व अन्य आरोपियों के खिलाफ मकोका का पहला केस दर्ज होने के बाद जीबी रोड पर हड़ंकप मचा हुआ है। जीबी रोड पर देह व्यापार और मानव तस्करी के मामलों में मकोका के तहत गिरफ्तार आफाक हुसैन और उसकी पत्नी सायरा बानो के बच्चे देश नामी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं आरोपियों ने गरीब बेटियों के जिस्म का सौदा कर दिल्ली के जौतपुर में अपनी बेटी के नाम पर इंटरनेशनल स्कू्ल खोल रखा है।

खुद के बच्चों को बढ़िया तालीम

आफाक और उसकी पत्नी की दिल्ली के शाहीन बाग, जैतपुर समेत कई इलाकों में करोड़ों की प्रॉपर्टी हैं। इन पर दूसरे राज्यों की गरीब लड़कियों को बहला-फुसला कर मानव तस्करी करने और जबरन देह व्यापार कराने का आरोप है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये दंपति दूसरों की बच्चियों को तो जीबी रोड के नरक में धकेलते थे, लेकिन उस कमाई से खुद के बच्चों को तमाम एशो-आराम मुहैया कराते थे।

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जीबी रोड पर कुछ और मकोका के केस दर्ज हो सकते हैं। सबूतों को पुख्ता करने के लिए पुलिस टीमों की दबिश जारी है। इस बात की पुष्टि क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रवींद्र ने भी की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्राइम ब्रांच ने एक गैंग के आठ लोगों को अरेस्ट किया है, इनसे जुड़े कुछ आरोपियों की तलाश जारी है।

जीबी रोड पर मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार कराने वाले कुछ अन्य कोठा मालिक/मालकिन और संचालिकाओं के खिलाफ अहम जानकारियां मिली हैं, जिन पर अलग से मकोका केस दर्ज हो सकते हैं। क्राइम ब्रांच ने आफाक समेत चार आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। बाकी चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा है।

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अभी होंगे कई खुलासे

पुलिस को मकोका के तहत 30 दिन का रिमांड मिल सकती है, इसलिए सात दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आठों आरोपियों को एक साथ लंबे रिमांड पर लेने की कोशिश की जाएगी। सभी से पूछताछ में जीबी रोड पर चल रहे संगठित अपराध की अहम जानकारियां और साक्ष्य मिल सकते हैं।

आरोपियों की डायरी से कोठों से हर दिन की कमाई लगभग 10 लाख रुपये पता चली है। ये कार्रवाई डीसीपी भीष्म सिंह के सुपरविजन में एसीपी ईश्वर सिंह, इंस्पेक्टर अतुल त्यागी, एसआई नरेंद्र, एसआई संजय और एसआई अरविंद व अन्य टीम ने की है।

पुलिस टीम अब भी बेंगलुरु समेत अन्य राज्यों में दबिश देकर आरोपियों की जड़ें खंगाल रही हैं। इनके पास से फॉर्च्यूनर, सफारी समेत चार लग्जरी गाड़ियां रिकवर हो चुकी हैं, एक पांचवी कार का भी पता चला है, जिसकी तलाश की जा रही है।

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यूपी का रहने वाला है आफाक

पुलिस के अनुसार, घिनौने धंधे का किंगपिन आफाक मूल रूप से मुरादाबाद (उप्र) का रहने वाला है। 25 साल पहले दिल्ली आया था। जीबी रोड पर बढ़ई का काम करता था। वहीं सायरा एक कोठे की संचालिका (मैनेजर) थी। दोनों ने शादी कर ली और खुद कोठा चलाने लगे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों ने मिलकर कोठा नंबर 56, 57 और 64 पर अलग-अलग कुल छह फ्लोर खरीदे लिए थे। यहां का काम देखने के लिए संचालिका और कुछ बदमाश रखे थे। पुलिस कार्रवाई के डर से ये कपल पिछले कई सालों से जीबी रोड नहीं गया था।

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