विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश तक फैला था उमर खालिद का संपर्क

By Amit MishraEdited By:
Updated: Fri, 19 Feb 2016 09:36 PM (IST)

जेएनयू मे देशविरोधी गतिविधियों की साजिश रचने के मुख्य आरोपी उमर खालिद की कॉल डिटेल जांच मे सनसनीखेज खुलासे हुए है। जांच मे पता चला है कि उमर खालिद के संपर्क कश्मीर तक ही सीमित नहीं हैं। उसके पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश में भी संपर्क है।

News Article Hero Image

नई दिल्ली। जेएनयू मे देशविरोधी गतिविधियों की साजिश रचने के मुख्य आरोपी उमर खालिद की कॉल डिटेल जांच मे सनसनीखेज खुलासे हुए है। जांच मे पता चला है कि उमर खालिद के संपर्क कश्मीर तक ही सीमित नहीं हैं। उसके पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश में भी संपर्क है। कुछ दिनों पहले उसकी इन देशों में कई बार मोबाइल पर बात भी हुई। कार्यक्रम से पहले उमर खालिद ने कई राज्यों का दौरा किया और अलगाववादियों से मुलाकात की।

जेएनयू विवाद पर पर्रिकर बोले, उनके संस्कार अच्छे नहीं इसलिए ऐसा किया

पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना से सात दिन पहले तक उमर की 800 मोबाइल कॉल की जांच की गई। उमर के फोन पर कश्मीर से 3 से 9 फरवरी के बीच 103 बार बात हुई। 38 बार उमर के फोन से दिल्ली से कॉल की गई, जबकि 65 बार जम्मू-कश्मीर से कॉल रिसीव की गई। इस दौरान पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश के अलावा खाड़ी देशों में बातचीत की गई।

जेएनयू विवाद : दिल्ली पुलिस ने खंगाली उमर की कॉल डिटेल, मिली अहम जानकारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार बीते एक महीने में उमर 17 बार रोमिंग पर रहा। रोमिंग के दौरान उमर के मोबाइल फोन की लोकेशन कश्मीर को छोड़कर कई अन्य राज्यों में ट्रेस हुई है। एक महीने में उसने कई राज्यों का दौरा किया और अलगाववादियो से संपर्क किया। 9 फरवरी को जेएनयू में कार्यक्रम से पहले उमर कश्मीरी युवकों के संपर्क में रहा। 7 फरवरी को दिल्ली आने से पहले उमर और कश्मीरी युवकों के बीच कई बार बात हुई।

जेएनयू कुलपति ने छात्रों से की थी मार्च में न जाने की अपील

उमर को मदद कर रहे खाड़ी देश
पुलिस सूत्रों की मानें तो उमर खालिद के बारे में अब तक सामने आ रही जानकारी से साफ है कि उसके कश्मीरी अलगाववादियों के साथ खाड़ी देश से सीधे संपर्क है। समय-समय पर खाड़ी देश ऐसे कार्यक्रम के आयोजन के लिए मदद करते रहे हैं।