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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में डबल इंजन के आगे कांग्रेस फेल

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Sun, 12 Mar 2017 10:07 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डबल इंजन का आह्वान मतदाताओं के दिलों में जगह कर गया और भाजपा को एकतरफा जीत मिली। राज्य में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।

उत्तराखंड में डबल इंजन के आगे कांग्रेस फेल
उत्तराखंड में डबल इंजन के आगे कांग्रेस फेल

देहरादून, [रविंद्र बड़थ्वाल]: उत्तराखंड ऐसे गड्ढे और खाई में पड़ा है, जिसे बाहर निकालने के लिए डबल इंजन की दरकार है। एक इंजन दिल्ली में लग चुका है, दूसरा इंजन देहरादून में लग गया तो राज्य का तेजी से विकास तय है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह आह्वान मतदाताओं के दिलों में जगह कर गया और भाजपा को एकतरफा जीत मिली। राज्य में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। 
जनादेश ने साबित कर दिया कि हरीश रावत सरकार के कामकाज पर जनता ने भरोसा नहीं जताया। जनादेश ने यह भी तसदीक कर दी कि भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस सरकार पर भाजपा के आरोपों को मतदाताओं ने गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री हरीश रावत की एकला चलो नीति आखिरकार उनके और कांग्रेस दोनों पर ही भारी पड़ी। दिग्गज नेताओं ने जिस तरह पार्टी से किनारा किया और उसे लेकर पार्टी के रुख ने असंतोष को और हवा दी। 
राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के लिए भी मतदाताओं ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को ही ज्यादा जिम्मेदार माना। यह दीगर बात है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी के भीतर और बाहर राजनीतिक अस्थिरता और असंतोष के लिए खुद के गिरेबां में झांकने के बजाय भाजपा और असंतुष्टों पर ही इसका ठीकरा फोड़ा। 
नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ छेड़ी गई कांग्रेस की मुहिम को जनादेश ने भौंथरा साबित कर दिया, जबकि नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक के केंद्र सरकार के फैसले के पक्ष में जनता खड़ी नजर आई। चुनाव में मोदी मैजिक भी चला। पहाड़ से लेकर तराई तक मतदाताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खासा असर दिखा।