यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Exclusive: तो क्या छोटे बजट की फिल्मों के सुपरस्टार बन गये हैं नवाज़
खांस स्टारडम पर बात करते हुए नवाज़ कहते हैं कि अगर खांस की पिछली फिल्में कामयाब नहीं रही हैं, इसका मतलब नहीं है कि उनका स्टारडम खत्म हो चुका है।

अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज इसी हफ़्ते हुई है। इस फिल्म में नवाज़ के किरदार को काफी सराहा जा रहा है। नवाज़ इस बात से सबसे अधिक खुश हैं कि यह फिल्म एक छोटे बजट की फिल्म रही और इसके बावजूद दर्शकों को फिल्म की कहानी पसंद आई है तो यह बहुत अच्छी बात है।
जागरण डॉट कॉम से बातचीत में उन्होंने स्वीकारा कि यह उनकी सोलो हीरो फिल्म है। ऐसे में दर्शक जब उन्हें पसंद कर रहे हैं तो उन्हें धीरे-धीरे इन बातों पर यकीन होने लगा है कि छोटी फिल्में भी अगर कॉन्सेप्ट के साथ बने और कंटेंट में बात हो तो कुछ भी हो सकता है। नवाज़ कहते हैं कि इस तरह छोटे बजट की फिल्म पसंद की जाती है तो उन फिल्म मेकर्स को भी बढ़ावा मिलता है, जो कई बार अपनी फिल्म इस सोच से लेकर आगे नहीं बढ़ पाते हैं कि न जाने हमारी फिल्म का क्या होगा। बॉक्स ऑफिस इस कदर हावी होता है। नवाज़ ने बताया कि किस तरह इस फिल्म की पूरी शूटिंग सिर्फ एक छोटे से गाँव में की गई थी लेकिन फिल्म को देखने के बाद कोई यह अनुमान नहीं लगा सकता कि विजुअली फिल्म स्ट्रॉन्ग नहीं होगी। सो, कंटेंट में ही वह बात होनी चाहिए। पिछले छह महीनों में कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं रही हैं, जिसमें नवाज़ ने काम किया , इस बारे में नवाज़ कहते हैं कि मैं फिर से वही बात दोहराऊंगा कि महंगी नहीं अच्छी फिल्में बनाने की जरूरत हैं। नवाज़ की फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज केवल 5 करोड़ के बजट में ही बनी है।
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खांस स्टारडम पर बात करते हुए नवाज़ कहते हैं कि अगर खांस की पिछली फिल्में कामयाब नहीं रही हैं, इसका मतलब नहीं है कि उनका स्टारडम खत्म हो चुका है। नवाज़ कहते हैं कि जिस तरह की उनकी फैन फोलोइंग है, वैसी कभी भी उनकी होगी, लेकिन हां, वह अच्छी फिल्में करते रहेंगे और अपनी अलग तरह की फैंस फॉलोविंग तैयार करेंगे। नवाज़ अब अपनी अगली फिल्म मंटो की तैयारी में जुट गए हैं।

