विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Exclusive: क्या है 'रईस' का ये राज़, धंधा नशे का और चुस्कियां चाय की

By मनोज वशिष्ठEdited By:
Updated: Mon, 30 Jan 2017 03:41 PM (IST)

जागरण डॉट कॉम से बातचीत करते हुए राहुल ने बताया है कि उन्होंने वाकई फिल्म में रईस को चाय का दीवाना यूं ही नहीं बना दिया था।

Exclusive: क्या है 'रईस' का ये राज़, धंधा नशे का और चुस्कियां चाय की
Exclusive: क्या है 'रईस' का ये राज़, धंधा नशे का और चुस्कियां चाय की

अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। रईस ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कामयाबी हासिल कर ली है। फिल्म की टीम फिल्म की सक्सेस पार्टी भी एन्जॉय कर रही है। इसी क्रम में राहुल ढोलकिया ने इस फिल्म की मेकिंग के दौरान पर्दे के पीछे हुए कई दिलचस्प किस्से शेयर किये हैं।

जिन्होंने भी फिल्म देखी होगी, उन्हें इस बात का अनुमान होगा कि फिल्म में शाह रुख का किरदार रईस धंधा शराब का करता है। लेकिन उसे लत चाय की थी। जागरण डॉट कॉम से बातचीत करते हुए राहुल ने बताया है कि उन्होंने वाकई फिल्म में रईस को चाय का दीवाना यूं ही नहीं बना दिया था। दरअसल, इसके पीछे एक बड़ी वजह यह है कि रईस गुजरात का किरदार है और हकीकत यही हैं कि गुजरात में दो जगह हैं, जहां लोग पूरी दुनिया की चर्चा करते हैं। वह है चाय की केतली और पान का गल्ला।

इसे भी पढ़ें- सिर्फ़ एक डायलॉग सुनकर रईस बनने के लिए तैयार हो गई शाह रूख़

बकौल राहुल, हम तो बचपन से देख रहे हैं कि किसी भी टाइम पर वहां 20 से 25 लोग रहते हैं। लेकिन सबकी चाय पूरी ग्लास भर कर नहीं रखी जाती है। तो हम लोग भी जब लिखते रहते थे फिल्म की कहानी, तो चाय की केतली के सामने ही बैठ कर लिखते थे। वहां चाय और बन मस्का भी खाते हैं साथ में लोग। तो वहां से आइडिया आया कि चाय का कुछ रेफरेंस होना चाहिए। इसलिए फिल्म में रईस बोलता है कि हमारा ट्रक ना आये, लेकिन माल जरूर आएगा। तो वहां चाय की केतली नजर आती है।

इसे भी पढ़ें- भंसाली के सपोर्ट में आया बॉलीवुड का ये राजपूत, उठाया ये क़दम

राहुत कहते हैं कि फिर चाय को हमने रईस और मजूमदार के किरदार में रख दिया। राहुल ने बताया कि यह लेखक नीरज शुक्ला का आइडिया था कि थाने की चाय पीने की आदत डाल ले। फिर वहीं से ट्रक वाला आइडिया भी आया और फिल्म में चाय अहम् किरदार बन गया।