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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भर्ती में आवेदक की जाति पूछ रहा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग

By Test1 Test1Edited By:
Updated: Sat, 30 Jul 2016 09:13 AM (IST)

हाल ही में जातीय दंगों से उबरे प्रदेश में अब भर्तियों में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से उनकी जाति पूछी जा रही है। जानें कौन कर रहा है ऐसा काम ?

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जींद, [रवि हसिजा़]। हाल ही में जातीय दंगों से उबरे प्रदेश में अब भर्तियों में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से उनकी जाति पूछी जा रही है। यह मामला हाल ही में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा निकाले गए विज्ञापन संख्या 5/2016 में सामने आया है। इसमें आवेदकों से फार्म भरने के दौरान सब कैटेगरी/सब कास्ट का कॉलम दिया गया है। इससे लगता है कि अब आवेदन करने वालों को उसकी जाति के अनुसार रोजगार मिलेगा। वहीं आयोग के सदस्य इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात कर रहे हैं।

बता दें कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने लगभग एक माह पहले विज्ञापन निकाला था, जिसमें मत्स्य विभाग, ड्राफ्टमैन, स्टेटिकल असिस्टेंट, हेड स्टेटिकल असिस्टेंट, लीगल असिस्टेंट, लेबर इंस्पेक्टर, स्टेटिकल असिस्टेंट/इंस्पेक्टर, फील्ड असिस्टेंट आदि पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। मगर ऑनलाइन भर्ती फार्म में आवेदकों की श्रेणी (कैटेगरी) पूछने के साथ-साथ उसकी जाति भी पूछी है जिससे आवेदकों में रोष है।

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सीएम विंडो पर दी शिकायत

जींद के एकता नगर निवासी अजय ने इसकी शिकायत सीएम विंडो में दी है। उनका कहना है कि विज्ञापन में जाति पूछना नियमों की अवहेलना है। यही नहीं दिव्यांगों की फीस काटी जा रही है जबकि फार्म में नो चार्ज लिखा हुआ है।

दिव्यांग होने के बावजूद ली फीस

आयोग ने फार्म गाइड लाइन में स्पष्ट लिखा है कि फिजिकल हैंडीकैप्ड और एक्स सर्विसमैन से आवेदन के दौरान किसी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जाएगा। मगर ऑनलाइन फार्म भरने पर फीस काटी जा रही है। फीस नहीं भरने पर प्रोसेस पूरा नहीं किया जा रहा है।

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मामला संज्ञान में नहीं

वहीं, विज्ञापनों में जाति पूछे जाने व दिव्यांगों से फीस लिए जाने पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य एडवोकेट विजयपाल ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। हो सकता है कि तकनीकी फाल्ट की वजह से ऐसा हो रहा हो। इसे ठीक करवाया जाएगा।

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