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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1984 के दंगा पीड़ितों को 12 करोड़ का मुआवजा देगी हरियाणा सरकार

By Test1 Test1Edited By:
Updated: Sat, 16 Jul 2016 07:09 PM (IST)

हरियाणा सरकार की ओर से 1984 के दंगा पीडि़त सिखों को करीब 12 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि बांटी जाएगी। पढ़ें पूरी ख़बर।

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। तीन दशक पहले देशभर में हुए सिख दंगों के दौरान हरियाणा में भी सिखों का कत्ल-ए-आम हुआ था। रेवाड़़ी जिले के हौंद छिल्लर के दंगा पीडि़तों को करीब दस करोड़ रुपये का मुआवजा बांटने के बाद अब राज्य सरकार ने गुडग़ांव व पटौदी के दंगा पीडि़त सिख परिवारों को भी अतिरिक्त मुआवजा राशि बांटने का निर्णय लिया है। 1984 के दंगा पीडि़त सिखों को करीब 12 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि बांटी जाएगी।

राज्य के गृह विभाग ने पटौदी व गुडग़ांव के दंगा पीडि़तों के परिजनों को मुआवजा बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह विभाग की ओर से मुआवजा राशि की मंजूरी के लिए केस वित्त विभाग को भेजा जा रहा है।

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मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद मुआवजा वितरण का काम शुरू हो जाएगा। हौंद छिल्लर, पटौदी और गुडग़ांव में सिखों की हत्या से जुड़े मामले को युवक मनविंद्र सिंह नाम ने सोशल मीडिया के जरिए उठाया था। दंगों में पटौदी व गुडग़ांव में 47 सिखों की जान गई थी।

हरियाणा सरकार द्वारा गठित जस्टिस टीपी गर्ग आयोग के सामने न्याय तथा मुआवजा दिलाने के लिए कई प्रतिवेदन आए थे। आयोग अपनी रिपोर्ट कुछ समय पहले ही सरकार को सौंप चुका है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। करीब 80 लोगों की तरफ से आयोग के सामने 240 याचिका दायर की गई थी। दंगों में 17 लोग घायल हुए थे।

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पिछली हुड्डा सरकार ने हौंद छिल्लर मामले की जांच के लिए जस्टिस टीपी गर्ग आयोग गठित किया था। 2011 में गठित जस्टिस टीपी गर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट पिछले साल भाजपा सरकार को सौंपी है।

मनविंद्र सिंह का कहना है कि सरकार को अब पटौदी और गुडग़ांव से जुड़े तथ्यों को भी सार्वजनिक करना चाहिए। इस मामले में दोषियों के खिलाफ जांच करने, नई एफआइआर दर्ज करने और रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के अलावा मुआवजे का जल्द से जल्द वितरण किए जाने की जरूरत है।

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