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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यशपाल मलिक गुट का जाट आंदोलन खत्म करने का ऐलान

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Sun, 19 Jun 2016 10:09 AM (IST)

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक कहा कि वे रविवार से आंदोलन बंद कर रहे हैं।

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक और हरियाण सरकार के बीच वार्ता सफल रही है। वार्ता के बाद मलिक ने अपने संगठन द्वारा किया जा रहा आंदोलन बंद करने का ऐलान किया। मलिक और उनके गुट के अन्य जाट नेताओं व सरकार के बीच के साथ नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में शनिवार रात तक करीब पांच घंटे तक चली समझौता वार्ता चली। रविवार सुबह से मलिक गुट द्वारा दिया जा रहा धरना समाप्त हो गया।

सभी धरनास्थलाों पर जाएंगे मलिक के प्रतिनिधि

मलिक ने कहा किप्रदेश और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रतिनिधियों को धरनास्थलों पर भेजा गया है। ये प्रतिनिधि जाट आंदोलनकारियों को राज्य सरकार से हुई बातचीत का ब्यौरा सार्वजनिक करेंगे। जिन धरना स्थलों पर भूख हड़ताल चल रही है, वहां उन्हें जूस पिलाया जाएगा और शाम पांच बजे तक सभी धरने खत्म करा दिए जाएंगे।

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सरकार का आश्वासन : 30 अगस्त तक सभी मसले हल हो जाएंगे

राज्य सरकार की ओर से परिवहन मंत्री कृष्णपाल पंवार ने बैठक में भागीदारी की, जबकि यशपाल मलिक के साथ हर जिले के आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि बातचीत में शामिल हुए। राज्य सरकार ने 30 अगस्त 2016 तक मसलों के समाधान का भरोसा दिलाया है। मलिक गुट की ओर से सरकार को 10 सूत्रीय एजेंडा सौंपा गया था, जिस पर कार्रवाई के लिए सरकार ने समय मांगा है। इनमें जाट आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूचित में डालने तथा निर्दोष लोगों की रिहाई की मांग प्रमुख है।

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