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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पुलिसकर्मी सहित पांच लोगों ने बनाया किशोरी को हवस का शिकार

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Mon, 10 Apr 2017 07:36 PM (IST)

125 लोगों के दुष्कर्म की शिकार हुई असम की लड़की से पांच लोगों ने और दुष्कर्म किया। इनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है।

पुलिसकर्मी सहित पांच लोगों ने बनाया किशोरी को हवस का शिकार
पुलिसकर्मी सहित पांच लोगों ने बनाया किशोरी को हवस का शिकार

जेएनएन, पानीपत। गलती से टॉयलेट क्लीनर पीने के बाद अस्पताल में भर्ती असम की 15 वर्षीय किशोरी ने बताया कि कुछ दिन पहले बड़े से कार्यालय में उसके साथ एक पुलिसकर्मी और चार युवकों ने दुष्कर्म किया था।

किशोरी ने बताया कि उसने शुक्रवार रात को चावल खाए थे। इससे उसके पेट में दर्द हो गया। वह टॉयलेट में चली गई और वहां पर दवा समझकर टॉयलेट क्लीनर पी गई। इससे उसे उल्टी लगी तो वार्डन बीरमती को मामले की जानकारी दी। किशोरी को मेडिकल कॉलेज खानपुर में भर्ती कराया। रविवार को किशोरी को खानपुर से बाल अनाथालय सौंधापुर लाया गया। अब उसकी तबीयत में सुधार है।

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किशोरी का कहना है कि वह उस कार्यालय व होटलों की जानकारी पुलिस को दे सकती है, जहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया है। किशोरी ने बताया कि कुछ दिन पहले उसे बरसत रोड स्थित एक मॉल के पास जितेंद्र वर्मा छोड़कर गया था। वहां से उसे एक युवक बड़े से कार्यालय में ले गया, जहां पर पहले से एक पुलिसकर्मी और चार युवक युवक शराब पी रहे थे। उन्होंने उसे जबरन शराब पिलाने का प्रयास किया। फिर पुलिसकर्मी व अन्य युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

नाबालिग ने बताया कि स्कूल की छुट्टियां होने के कारण अपनी 20 वर्षीय सहेली जन्नत उल फिरदौस के साथ दिल्ली घूमने आई थी। पिता ने उसे टे्रन का किराया और खर्च के लिए 1600 रुपये भी दिए थे। फिरदौस उसे दिल्ली के निहाल विहार निवासी राजू मामा के घर लेकर पहुंची और वहां छोड़कर चली गई। अगले दिन राजू उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा और 60 दिनों के लिए 15 हजार रुपये में आरती को बेच दिया।

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आरती वहां से उसे पानीपत के जाटल रोड, चौधरी अस्पताल के पीछे स्थित एक मकान में ले आई। यहां उससे दिन में घर का काम कराया जाता और रात को दुष्कर्म के लिए लोगों को सौंप दिया जाता। किशोरी के मुताबिक वह 2 अप्रैल को पानीपत में देह व्यापार कराने वाले गिरोह से छूटकर पानीपत बस स्टैंड पहुंच गई थी। वहां रोडवेज के एक कर्मचारी को सारी बात बताई तो उसने पुलिस को सूचना दी। उसके बाद किशोरी को सौंधापुर स्थित बाल अनाथालय में रखा गया।

किशोरी के बयान के आधार पर आरती, जितेंद्र वर्मा, शुभम व नरेंद्र उर्फ काला को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। किशोरी को 15 हजार रुपये में आरती को बेचने के आरोपी दिल्ली के पीरागढ़ी  के दलाल राजू की पुलिस को अभी तलाश है। इस बारे में थाना मॉडल टाउन प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि किशोरी के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुष्कर्म करने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच की जाएगी।

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