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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विपक्ष की भाषा नहीं बोलें अपने, सीएनटी पर नहीं झुकेंगे: रघुवर

By Bhupendra SinghEdited By:
Updated: Mon, 15 May 2017 09:37 AM (IST)

छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट और संताल परगना टेनेंसी एक्ट (सीएनटी-एसपीटी) में संशोधन के मसले पर भाजपा में ही तकरार है।

विपक्ष की भाषा नहीं बोलें अपने, सीएनटी पर नहीं झुकेंगे: रघुवर
विपक्ष की भाषा नहीं बोलें अपने, सीएनटी पर नहीं झुकेंगे: रघुवर

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट और संताल परगना टेनेंसी एक्ट (सीएनटी-एसपीटी) में संशोधन के मसले पर भाजपा में ही तकरार है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने संशोधन वापसी के लिए दबाव बनाया तो मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुंडा का नाम लिए बिना दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष की भाषा नहीं बोलें, इससे पार्टी का जनाधार नहीं बढ़ेगा। सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन पर वे हरगिज नहीं झुकेंगे। मुख्यमंत्री ने रामायण की चौपाई सुनाई -रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई।

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 मुख्यमंत्री ने रविवार को मधुबन में भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। शिविर में सूबे के 137 कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इससे पहले बंद कमरे में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि विपक्ष को मुद्दा चाहिए। इस कारण वह स्थानीय नीति और सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का विरोध कर रहा है।

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 भाजपा नेताओं को विपक्ष के मुद्दे में नहीं फंसना चाहिए। पार्टी और सरकार किसी एक इंसान की सनक पर नहीं चलती है। एक्ट में संशोधन के पहले सभी स्तर पर विचार-विमर्श किया गया था। कोर कमेटी में दो बार चर्चा की गई। आदिवासी मोर्चा, विधायकों और आदिवासी परामर्शदात्री समिति (टीएसी) में चर्चा हुई। सभी दलों के नेता मौजूद थे। यहां निर्णय लिया गया था कि रैयतों के हित में संशोधन किया जाए। कार्यकर्ताओं को उन्होंने एक्ट में संशोधन की जानकारी दी।