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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'लाल' धरती से 'भगवा' फहराने को बन रही है रणनीति

By Babita KashyapEdited By:
Updated: Sat, 13 May 2017 03:23 PM (IST)

किसी भी तीर्थस्थल में अचानक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो जाना कोई सामान्य बात नहीं है।

'लाल' धरती से 'भगवा' फहराने को बन रही है रणनीति
'लाल' धरती से 'भगवा' फहराने को बन रही है रणनीति

गिरिडीह, संवाद सहयोगी। मधुबन कभी नक्सली घटनाओं से चर्चा में रहता है तो कभी जैन दर्शन पर आधारित धार्मिक कार्यक्रमों से, पर शुक्रवार को यह राज्यस्तरीय राजनीतिक फलक पर भी चर्चा का विषय बना हुआ था। चर्चा का कारण मधुबन स्थित धर्म मंगल विद्यापीठ में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी विस्तारक प्रशिक्षण वर्ग है। 

यह कार्यक्रम राज्य भाजपा को एक नई दिशा देने का संकेत दे रहा है। 'लालÓ आतंक के साये में रहने वाले मधुबन से पूरे देश में 'भगवाÓ रंग फैलाने की न केवल नीति बनाई जा रही है बल्कि इस पर गहन मंथन करते हुए विस्तारकों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। यही नहीं इस प्रशिक्षण काल में भाजपा व आरएसएस के

कई मंजे नीतिकार भी शरीक होने वाले हैं।

बताया जाता है कि किसी भी तीर्थस्थल में अचानक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो जाना कोई सामान्य बात नहीं है। ऐसे में कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करना मधुबन को चर्चा का विषय बना देता 

है। खासकर तब जब सत्ताधारी पार्टी खुद को मजबूत करने व आमजन के बीच पैठ बनाने की नीति इस स्थल पर बना रहा हो।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे राजनीतिक पंडितों की मानें तो इस कार्यक्रम सफलता न केवल सूबे के बल्कि पूरे देश में पार्टी को एक नई दिशा प्रदान करेगी। साथ इस बात पर ध्यान रखा जा रहा है पार्टी अपनी अनुशासनात्मक

रवैये व समयबद्धता से जानी जाती है और इसकी छवि किसी भी कीमत पर खराब न हो। यही वजह है कि प्रशिक्षण के दौरान बार बार अनुशासन पालन करने की बात को दोहराया जा रहा है। बहरहाल, मधुबन

में भाजपा के शीर्ष नेता 2019 को ध्यान में रखते हुए विभिन्न लक्ष्यों को भेदने की रणनीति बना रहे हैं।

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