यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिक्षिका ने सीयूजे के कुलपति पर लगाया यौन शोषण का आरोप
शिक्षिका का आरोप है कि कुलपति और रजिस्ट्रार उसके साथ लगातार गलत व्यवहार करते थे।

जागरण संवाददाता, रांची। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) के कुलपति नंदकुमार यादव और रजिस्ट्रार रतन कुमार डे के खिलाफ एक आदिवासी महिला शिक्षिका ने यौन शोषण समेत कई आरोप लगाए हैं। इसे लेकर सिटी एसपी किशोर कौशल को लिखित शिकायत की है।
शिकायत करनेवाली महिला शिक्षिका सीयूजे में बतौर सहायक प्रोफेसर कार्यरत है। शिक्षिका का आरोप है कि कुलपति और रजिस्ट्रार उसके साथ लगातार गलत व्यवहार करते थे। शिक्षिका ने इसका विरोध किया, तब कुलपति और रजिस्ट्रार उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने लगे। सिटी एसपी ने शिक्षिका की बातें सुनी।
गलत नजर रखने का आरोपः
शिक्षिका का आरोप है कि वीसी लगातार उसपर गलत नजर रखते थे। कई बार उस पर अश्लील कमेंट भी किए हैं। शिक्षिका ने हमेशा इसका विरोध किया है। ऐसे में उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। शिक्षिका ने सिटी एसपी को बताया कि विरोध किए जाने की वजह से उसे मानवाधिकार विभाग का कोऑर्डिनेटर नहीं बनाया गया। मार्च में इलाज के लिए छुट्टी में थी। छुट्टी से वापस लौटने पर 15 के बजाय 16 मार्च को ज्वाइन किया। इस पर शिक्षिका से स्पष्टीकरण तलब किया गया। शिक्षिका ने डीन समेत अन्य दो प्रोफेसरों पर भी आरोप लगाया है।
जानिए, किसने-क्या कहाः
किस शिक्षिका ने क्यों शिकायत की है, ऐसी मुझे कोई जानकारी नहीं है। सिटी एसपी ने भी मुङो ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है। लगाए गए आरोप निराधार हैं। इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।’
-नंदकुमार यादव, कुलपति सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड
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महिला की शिकायत पर छानबीन की जा रही है। एसटी-एससी थाने को इसकी जांच की जिम्मेदारी दी गई है। पूरी छानबीन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।’
--किशोर कौशल, सिटी एसपी रांची।
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