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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-कतर सीमा शुल्क समझौते को पीएम मोदी ने दी मंजूरी

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Wed, 01 Jun 2016 11:03 PM (IST)

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत-कतर के बीच समझौते को मंजूरी दी। समझौते का उद्देश्य भारत और कतर के बीच सीमा शुल्क के मामलों पर तालमेल बनाना है।

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नई दिल्ली(जेएनएन)। पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सीमा शुल्क मामलों में सहयोग और आपसी सहायता के लिए भारत-कतर के बीच समझौते को मंजूरी दी। समझौते का उद्देश्य भारत और कतर के बीच सीमा शुल्क के मामलों पर द्विपक्षीय तालमेल बनाना है।

सूत्रों के मुताबिक ये समझौता सीमा शुल्क अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इस समझौते के जरिए व्यापार को सुविधाजनक बनाया जा सकेगा। ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक वस्तुओं की कुशल निकासी की उम्मीद बन सके। बता दें कि कतर भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार देश है। पिछले कुछ सालों से दोनों देशों के बीच व्यापार में विस्तार हुआ। जिसके लिए द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि को देखते हुए सीमा शुल्क नियमों को उचित रूप से लागू करने व सीमा शुल्क अपराधों की रोकथाम के लिए इस समझौते के बेहद अहम माना जा रहा था।

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इस लिहाज से दोनों देशों के सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच जांच व व्यापारिक जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए कानूनी ढांचा उपलब्ध कराना एक जरूरत बन गई थी। आज समझौते को आपसी विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया। इसमें भारतीय सीमा शुल्क विभाग की सीमा शुल्क मूल्य घोषणा व माल के मूल स्थान के प्रमाणपत्र की सत्यता और व्यापारिक वस्तुओं के बारे में जानकारी को ध्यान में रखा गया है।⁠⁠⁠⁠

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