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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दलहन को प्रोत्साहन के लिए समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि संभव

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Wed, 20 Apr 2016 10:22 PM (IST)

दलहन को प्रोत्साहन के लिए समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि होने की संभावना है। इसके लिए दलहन के एमएसपी में 200 रुपये क्विंटल की वृद्धि की सिफारिश की गई है।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: दालों की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार दलहन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भारी वृद्धि कर सकती है। कृषि लागत व मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने दलहन के समर्थन मूल्य में 200 रुपये प्रति क्ंिवटल की वृद्धि की सिफारिश की है।

जबकि धान के समर्थन मूल्य में महज 60 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़त की सिफारिश की गई है। सीएसीपी की यह सिफारिश खरीफ सीजन की 14 फसलों के समर्थन मूल्य के लिए है। एमएसपी निर्धारित करने के लिए सीएसीपी अपनी सिफारिशें करता है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद घोषित कर दिया जाता है।


सीएसीपी की सिफारिशों के मुताबिक धान का मूल्य 60 रुपये बढ़कर 1470 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। जबकि ए ग्रेड के धान का मूल्य 1510 रुपये प्रति क्विंटल होगा। खरीफ सीजन की खेती के शुरू होने से पहले ही सरकार इन सिफारिशों पर अपनी अंतिम मुहर लगा सकती है।

वर्ष 2015-16 के खरीफ सीजन के लिए सरकार ने सामान्य धान का मूल्य 1410 रुपये और ए ग्रेड के धान का मूल्य 1450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया था। सरकार इसी एमएसपी पर किसानों से उसकी उपज की खरीद करती है।


देश में जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आमद होने की पूरी उम्मीद है। सीएसीपी दोनों सीजन की कुल 25 फसलों के लिए उनकी लागत के अनुरूप एमएसपी की सिफारिश करता है। चालू खरीफ सीजन के लिए सरकार ने कुल 14 फसलों के एमएसपी की सिफारिश की है। इनमें धान, मोटे अनाज, दलहन, तिलहन व कपास जैसी प्रमुख फसलें शामिल हैं। आयोग की सिफारिशें कृषि मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेज दी गई हैं।


सूत्रों के मुताबिक सीएसीपी की सिफारिशों में धान की एमएसपी में मामूली वृद्धि के पीछे सरकारी गोदामों में चावल का भारी स्टॉक प्रमुख वजह है। लेकिन आयोग ने दलहन की फसलों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की भारी वृद्धि की सिफारिश की है। इसके साथ ही अरहर का मूल्य 4625 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। खुले बाजार में अरहर दाल का मूल्य 150 रुपये प्रति किलो बोली जा रही है। दरअसल अरहर दाल के मूल्य में तेजी का कारण घरेलू उत्पादन में कमी का होना है। मांग व आपूर्ति के इस अंतर को देखते हुए बाजार में कीमतें लगातार चढ़ रही हैं।
आयोग ने मूंग व उड़द का मूल्य 150 रुपये बढ़ाने की सिफारिश की है। इससे मूंग का समर्थन मूल्य 4800 रुपये और उड़द का 4575 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। कृषि मंत्रालय ने आयोग की सिफारिशों को राज्य सरकारों के पास राय लेने के लिए भेज दिया है। उनकी राय लेने के पीछे दलहन फसलों की खेती को प्रोत्साहित करना है। इस साल तो सरकार का पूरा जोर दलहन खेती पर है, जिसमें राज्यों को शामिल किये बगैर सफलता नहीं मिल सकती है।
चालू फसल वर्ष में कुल 1.73 करोड़ टन दलहन की पैदावार का अनुमान है जो पिछले फसल वर्ष के 1.71 करोड़ टन के मुकाबले अधिक है। लेकिन वर्ष 2013-14 की रिकॉर्ड पैदावार 1.93 करोड़ टन के मुकाबले कम है।

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