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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अभी और भड़केगी 'आप' की आग, टूट सकते हैं कई विधायक

By Rajesh NiranjanEdited By:
Published: Sun, 29 Mar 2015 12:46 AM (IST)Updated: Sun, 29 Mar 2015 12:32 PM (IST)

यह आग अभी सुलग रही है। विवाद इतनी आसानी से मिटने वाला नहीं है, बल्कि आग भड़केगी। आम आदमी पार्टी ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। यह आग अभी सुलग रही है। विवाद इतनी आसानी से मिटने वाला नहीं है, बल्कि आग भड़केगी। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों में वैचारिक मतभेद बढ़ रहा है और कई विधायक टूट सकते हैं। यहां तक नई पार्टी का गठन तक हो सकता है। ताजा जानकारी के अनुसार पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाले गए वरिष्ठ सदस्य इस मसले को लेकर अदालत जा सकते हैं। हालांकि इस बारे में अभी तक आधिकरिक रूप से कोई सूचना नहीं आई है। समाचार लिखे जाने तक पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाले गए सदस्यों की बैठक चल रही है। इसमें अगले कदम पर विचार चल रहा है।

सूत्रों का कहना है कि शनिवार को राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एक तरफा फैसला लेकर जिस तरह से राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जिस तरह प्रशांत भूषण जैसे वरिष्ठ सदस्यों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाला गया, उससे प्रशांत भूषण बहुत अपमानित महसूस कर रहे हैं। यहां तक कि बैठक में मौजूद पार्टी के संस्थापक सदस्य शांति भूषण की भी इज्जत का ख्याल नहीं रखा गया। बैठक में जिस तरह से एक तरफा तुगलकी फरमान जारी किया गया उससे बैठक में मौजूद कई विधायक भी नाराज हैं। इसमें पार्टी के आधा दर्जन विधायक प्रशांत भूषण के साथ हैं। इनमें दो विधायकों के नाम भी सामने आए हैं। तिमारपुर से विधायक पंकज पुष्कर प्रशांत भूषण की प्रेस क्लब में आयोजित हुई पत्रकार वार्ता में भी शामिल हुए। पंकज पुष्कर ने प्रशांत भूषण के साथ हो रहे बर्ताव को ठीक नहीं बताया। वहीं राष्ट्रीय परिषद की बैठक में बिजवासन से विधायक कर्नल देवेंद्र सहरावत ने भी प्रशांत भूषण के साथ हो रहे बर्ताव को गुंडागर्दी बताया था। हालांकि उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि वह पार्टी के साथ हैं। बैठक में उन्हें गलत लगा था तो उस पर उन्होंने अपनी टिप्पणी दी थी। माना जा रहा है कि पार्टी के आधा दर्जन विधायक आज के घटनाक्रम से नाराज हैं। इसमें कुछ यमुनापार के भी शामिल हैं।

यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि इतना सब होने के बाद भी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. आनंद कुमार ने कहा है कि सुधरेंगे, सुधारेंगे न टूटेंगे और तोड़ेंगे। उन्हें अब भी सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद है। वैसे आपको बता दें कि प्रो. आनंद कुमार भी उन प्रमुख लोगों में शामिल थे जो दोनों गुटों में समझौता कराने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए थे। कहा यहां तक जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल के बेंगलुरू से लौटने पर प्रशांत भूषण ने आनंद कुमार के कहने पर ही अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए संदेश भेजा था और स्वयं आगे आकर केजरीवाल से मिलने की बात कही थी।

मगर केजरीवाल द्वारा मिलने के लिए समय न देने पर प्रशांत नाराज हुए थे। मगर आनंद कुमार ने उनके द्वारा निर्धारित किए गए पार्टी के लोगों से बात कर लेने में भी कोई हर्ज नहीं होने की बात कही थी।

आप संसदीय दल के नेता पद से हटेंगे गांधी

शनिवार को आप की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पटियाला से पार्टी सांसद धर्मवीर गांधी के व्यवहार से पार्टी नाराज है। गांधी पार्टी संसदीय दल के नेता हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि गांधी की संसदीय दल के नेता के पद से छुट्टी होगी। संभावना है कि अगले कुछ दिनों में ही संसदीय दल के नेता के रूप में पार्टी के सांसद नए नेता का चुनाव करेंगे। गौरतलब है कि दिल्ली की जीत के बाद आप पंजाब की ओर रुख कर रही है। पार्टी के रणनीतिकार पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तानाबाना बुन रहे हैं। इसमें पार्टी के सांसदों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की बात चल रही है। कुछ दिन पहले भी पार्टी के विवाद पर सांसद धर्मवीर गांधी की प्रतिक्रिया आई थी, जो पार्टी के नेताओं को नागवार गुजरी थी।

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