यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जनमत संग्रह के लिए आप चलाएगी हस्ताक्षर अभियान
दिल्ली विधानसभा को भंग कर दोबारा चुनाव कराने के मकसद से आम आदमी पार्टी [आप] बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू कर रही है। पार्टी की कोशिश दिल्ली विधानसभा को भंग करने के लिए जनमत संग्रह करना है। अभियान की शुरुआत पटपड़गंज विधानसभा से होगी।

नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। दिल्ली विधानसभा को भंग कर दोबारा चुनाव कराने के मकसद से आम आदमी पार्टी [आप] बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू कर रही है। पार्टी की कोशिश दिल्ली विधानसभा को भंग करने के लिए जनमत संग्रह करना है। अभियान की शुरुआत पटपड़गंज विधानसभा से होगी।
इसके बाद सभी विधानसभाओं में इसका विस्तार किया जाएगा। आप नेताओं के दावे के अनुसार, अभियान के तहत करीब 35 लाख मकानों से सवा करोड़ मतदाताओं से संपर्क कर हस्ताक्षर लेंगे। इस दौरान कार्यकर्ता पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की दिल्लीवासियों के नाम जारी एक चिट्ठी आम लोगों को सौंपेंगे। चिट्ठी में केजरीवाल ने लिखा है कि भाजपा दिल्ली में चुनाव नहीं कराना चाहती। भाजपा को लगता है कि चुनाव होने पर उसकी बुरी तरह शिकस्त होगी। वहीं, कांग्रेस भी पत्ता साफ होने के डर से चुनाव से भाग रही है। जबकि आप दिल्लीवासियों को चुनी हुई सरकार देना चाहती है।
इतना ही नहीं, केजरीवाल का कहना है कि महंगाई से परेशान गृहणी, बढ़े बिजली बिल व कटौती से परेशान दिल्लीवासी, पानी के लिए जूझता आम आदमी, पुलिस व एमसीडी की रिश्वतखोरी से परेशान ऑटोवाला, ई-रिक्शावाला, पटरीवाला, कर्मचारी व ईमानदार सिपाही दिल्ली में चुनाव चाहता है। आखिर में केजरीवाल ने अपील की है कि पार्टी को बहुमत से जिताएं। आप की सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
दस्तखत मुहिम से बात होगी साफ कनॉट प्लेस के हनुमान लेन स्थित पार्टी कार्यालय में इस हस्ताक्षर अभियान से संबंधित जानकारी देते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में भाजपा प्रॉक्सी सरकार चला रही है। उसके पास समस्याओं का समाधान नहीं है। यही वजह है कि चुनाव से भाग रहे हैं। दस्तखत मुहिम से साफ होगा कि आम लोग चुनाव के हक में है।
15 दिन चलेगा अभियान
वहीं, दिलीप पांडेय ने बताया कि शुरुआत में अभियान 15 दिन चलेगा। इसके बाद इसकी समीक्षा होगी। इसके आधार पर तय होगा कि अभियान जारी रखवा है या बंद करना है। इस दौरान देखा जाएगा कि पार्टी दिल्ली के 35 लाख घरों तक पहुंच सकी है या नहीं।

